आगरा। राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने संसद में देश में वंदे भारत ट्रेनों के विस्तार, हाई-स्पीड रेल नेटवर्क, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना, उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों में नई वंदे भारत सेवाओं तथा स्वदेशी तकनीक से निर्मित आधुनिक ट्रेनों के संबंध में महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया। सांसद के प्रश्न पर रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में विस्तृत लिखित जवाब दिया।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने लिखित जवाब में बताया कि भारतीय रेल ने यात्रियों को विश्वस्तरीय यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वदेशी रूप से डिजाइन एवं निर्मित वंदे भारत ट्रेनों का व्यापक विस्तार किया है। 27 जुलाई 2026 की स्थिति के अनुसार भारतीय रेल नेटवर्क पर 81 जोड़ी वंदे भारत (चेयर कार) तथा 1 जोड़ी वंदे भारत (स्लीपर) ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। वंदे भारत ट्रेनों में आधुनिक कोच, उन्नत सुरक्षा प्रणाली, बेहतर यात्री सुविधाएं तथा अत्याधुनिक तकनीकों का समावेश किया गया है। लिखित जवाब में बताया गया कि वंदे भारत ट्रेनों में कवच सुरक्षा प्रणाली, स्वचालित स्लाइडिंग दरवाजे, पूर्णतः सीलबंद चौड़े गैंगवे, सीसीटीवी, कोच कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम (सीसीएमएस), यूवी-सी आधारित विसंक्रमण प्रणाली, अग्नि संसूचन एवं शमन प्रणाली, आपातकालीन अलार्म, टॉक-बैक यूनिट, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं तथा 180/160 किलोमीटर प्रति घंटे तक की डिजाइन एवं परिचालन गति जैसी अनेक आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सांसद नवीन जैन द्वारा उठाए गए प्रश्न के उत्तर में रेल मंत्री ने यह भी बताया कि मुंबई-अहमदाबाद उच्च गति रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना पर कार्य तेजी से प्रगति पर है। परियोजना के अंतर्गत सिविल निर्माण, स्टेशन निर्माण, पुल, सुरंग तथा ट्रैक संबंधी कार्य विभिन्न चरणों में किए जा रहे हैं। सरकार चरणबद्ध तरीके से हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में कार्य कर रही है। लिखित जवाब में उत्तराखंड सहित विभिन्न क्षेत्रों में रेल सेवाओं की उपलब्धता का भी उल्लेख किया गया है। रेल मंत्री ने बताया कि उत्तराखंड के प्रमुख शहर देहरादून, हरिद्वार और योग नगरी ऋषिकेश को बड़ी संख्या में रेल सेवाओं से जोड़ा गया है। साथ ही नई रेल सेवाओं का संचालन नेटवर्क की आवश्यकता, परिचालन व्यवहार्यता तथा यात्रियों की मांग के आधार पर किया जाता है। रेल मंत्री ने अपने लिखित जवाब में बताया कि स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण भारत में ही किया जा रहा है। इन ट्रेनों के संचालन से यात्रियों को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और तेज यात्रा का अनुभव मिल रहा है। आधुनिक तकनीकों के उपयोग से भारतीय रेल की सेवा गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। सांसद नवीन जैन ने कहा कि भारतीय रेल देश की जीवनरेखा है और आधुनिक, सुरक्षित तथा तेज रेल सेवाएं समय की आवश्यकता हैं। उन्होंने कहा कि संसद में यह विषय उठाने का उद्देश्य केवल जानकारी प्राप्त करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना था कि देशभर के यात्रियों को विश्वस्तरीय रेल सुविधाएं उपलब्ध हों तथा रेल अवसंरचना का विस्तार तेज गति से हो। उन्होंने कहा कि रेल मंत्री के लिखित जवाब से स्पष्ट है कि वंदे भारत ट्रेनों के विस्तार, हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं, स्वदेशी निर्माण और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार कार्य हो रहा है। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ-साथ भारत की रेल व्यवस्था नई तकनीक और आधुनिकता की ओर तेजी से अग्रसर हो रही है।










