आगरा। आगरा कमिश्नरेट पुलिस के अभद्रता और थर्ड डिग्री के मामले अब रोजाना सामने आ रहे हैं। इस बार इंस्पेक्टर खंदौली पर अधिवक्ता और सचिवालय के समीक्षा अधिकारी से अभद्रता के आरोप लगे हैं। वीडियो भी वायरल हुआ है। पुलिस कमिश्नर से इंस्पेक्टर पर कार्रवाई करने के लिए शिकायत हुई है। एससी/एसटी आयोग में भी इंस्पेक्टर की शिकायत की जा रही है। दूसरी ओर इंस्पेक्टर अपनी सफाई में बोल रहे हैं उनके साथ अभद्रता हुई है लेकिन वीडियो में ऐसा दिखाई नहीं दे रहा है।
गांव पैंतखेड़ा निवासी अधिवक्ता आदिल कुमार ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत कर कहा है कि गांव में आंबेडकर भवन बना हुआ है जिसके वह संरक्षक हैं। 21 जून की दोपहर को उन्हें सूचना मिली कि कुछ लोग आंबेडकर भवन में बिना अनुमति के गौतमबुद्ध और संत रविदास की प्रतिमा लगा रहे हैं। यह सूचना मिलने के बाद उन्होंने इंस्पेक्टर खंदौली इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह को दी। इसके बाद वह खुद मौके पर पहुंच गए। आदिल कुमार ने बताया उनके साथ उनके बड़े भाई अश्वनी कुमार और छोटा भाई अधिवक्ता आशीष भी थे। अश्वनी कुमार सचिवालय समीक्षा अधिकारी हैं। इंस्पेक्टर पर आरोप है कि उनके साथ उन्होंने अभद्रता की। उन्हें और उनके भाई अश्वनी को धक्के देते हुए गाड़ी में डाल लिया। उनके पिता के साथ भी अभद्रता की गई। यह भी नहीं देखा कि वह बुजुर्ग हैं। जातिसूचक शब्द भी बोले गए। गाली देते हुए उन्हें थाने ले जाया गया। थाने में जैसे ही इंस्पेक्टर को पता चला कि वह अधिवक्ता हैं और भाई समीक्षा अधिकारी हैं तो उन्हें छोड़ दिया। घटना के दौरान का सीसीटीवी फुटेज उनके पास मौजूद है। उसमें देखा जा सकता है कि इंस्पेक्टर ने किस तरह का व्यवहार किया। आखिर इंस्पेक्टर खंदौली को इतना गुस्सा क्यों आया? किस वजह से उनके साथ अभद्रता की गई। समाज में उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई गई। अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल इस संबंध में बुधवार को पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से मिला। पुलिस आयुक्त ने पूरे प्रकरण की जांच एसीपी एत्मादपुर देवेश कुमार को दी है। घटना से अधिवक्ताओं में आक्रोश है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।











