आगरा। आगरा में फर्जी फर्मों के माध्यम से सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाने वाले एक बड़े जीएसटी फर्जीवाड़े का बुधवार को खुलासा हुआ है। राज्य कर अधिकारी की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे की जांच कर रही लोहामंडी पुलिस ने टैक्स चोरी का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। न्यायालय से तीनों को जेल भेज दिया गया है।
लोहामंडी थाने में राज्य कर अधिकारी अतुल कुमार आर्य ने बीते वर्ष एक नंबर को जीएसटी चोरी का मुकदमा बोगस फर्म ओम ट्रेडर्स व श्रीराम ट्रेडर्स के खिलाफ दर्ज कराया था। लोहामंडी पुलिस ने मामले की जांच करते हुए पूछताछ के बाद बुधवार को राजत बनर्जी निवासी नेहरू एन्क्लेव सदर, ताजनगरी फेस टू निवासी राहुल व उसके भाई नितिन को गिरफ्तार किया है। एडीसीपी सिटी हिमांशु गौरव ने बताया कि जांच में पाया गया कि आरोपितों ने अपने परिचित दीपक व संदीप को रुपये का लालच देकर उनके दस्तावेजों से बोगस फर्म बनाकर जीएसटी में पंजीकरण कराया। जांच में धरातल पर दोनों की फर्में नहीं मिली। दीपक और संदीप से पूछताछ करने पर पुलिस आरोपितों तक पहुंची। आरोपितों ने बोगस फर्म से फर्जी खरीद और बिक्री दिखाकर फर्जी इनवाइस और ईवे बिल के सहारे दो करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) पासआन करके जीएसटी की चोरी की। आरोपितों के पास से पुलिस ने 10 फर्जी मोहरों के साथ ही सात मोबाइल फोन और एक लैपटाप बरामद किया है। अब तक की जांच में करीब 70 करोड रुपए के फर्जी बिल जनरेट किए जाने के तथ्य सामने आए हैं। पुलिस और राज्य कर विभाग इस पूरे नेटवर्क की वित्तीय जांच कर रहा है, जिससे पता लगाया जा सके इस फर्जीवाड़ी में सरकारी खजाने को कितना नुकसान हुआ है।










