आगरा। खंदारी के बापू नगर में दशकों से अपने घरों में रह रहे 200 से ज्यादा परिवारों के सामने अब उजड़ने का संकट खड़ा हो गया है। सिंचाई विभाग की ओर से मकान खाली करने के नोटिस दिए जाने के बाद पूरे इलाके में खलबली मची हुई है। नोटिस हाथ में आते ही लोगों के बीच सबसे बड़ा डर यह है कि कहीं अगला कदम बुलडोजर कार्रवाई का न हो।
सिंचाई विभाग का दावा है कि बापू नगर में बने मकान विभाग की संपत्ति पर हैं और लोगों ने नहर की जमीन पर कब्जा कर अवैध निर्माण कर लिया है। इसी आधार पर परिवारों को मकान खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरी ओर स्थानीय लोगों का कहना है कि वे एक-दो साल से नहीं, बल्कि कई दशकों से इसी जगह रह रहे हैं और उनके पास घर से जुड़े विभिन्न दस्तावेज भी मौजूद हैं। नोटिस के बाद बापू नगर में प्रशासन बनाम स्थानीय लोगों के बीच टकराव की स्थिति बनती दिखाई दे रही है। मकान खाली करने के नोटिस मिलने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। कई महिलाएं अपने घरों के बाहर धरने पर बैठ गई हैं। लोगों का कहना है कि जिन मकानों में उन्होंने अपना पूरा जीवन गुजार दिया, उन्हें अचानक अवैध बताकर खाली करने का फरमान उनकी समझ से परे है। स्थानीय परिवारों का दावा है कि उनके घरों में वर्षों से बिजली के कनेक्शन हैं और नगर निगम को हाउस टैक्स भी जमा किया जाता रहा है। लोगों का कहना है कि यदि उनके मकान अवैध थे तो इतने वर्षों तक सरकारी विभागों की ओर से उन्हें रहने और कर जमा करने की प्रक्रिया कैसे चलती रही? बापू नगर के कई परिवारों का कहना है कि वे करीब 60 वर्षों से यहां रह रहे हैं। पीढ़ियां इसी जगह बड़ी हुईं और बच्चों की पढ़ाई से लेकर बुजुर्गों के इलाज तक उनकी पूरी जिंदगी इसी मोहल्ले से जुड़ी है। अब मकान खाली करने के नोटिस ने परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि यदि मकान टूटते हैं तो उनके पास सिर छिपाने के लिए कोई दूसरा ठिकाना नहीं है। सबसे ज्यादा चिंता बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को लेकर है। लोगों का कहना है कि सरकार और प्रशासन को कोई भी कार्रवाई करने से पहले उनके दस्तावेजों और वर्षों से चले आ रहे कब्जे की स्थिति की जांच करनी चाहिए और प्रभावित परिवारों की बात सुनी जानी चाहिए। नोटिस मिलने के बाद इलाके में सबसे ज्यादा चर्चा संभावित बुलडोजर कार्रवाई को लेकर है।











