आगरा। गुजरात में 6 साल पहले सोना लूट की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी को एसटीएफ और गुजरात पुलिस ने सिकंदरा से गिरफ्तार कर लिया है। उसने वहां पर आयकर अधिकारी बनकर वारदात को अंजाम दिया था।
फरवरी 2021 में निखिल मेहरा ने गुजरात में आयकर अधिकारी बनकर सोने की लूट की थी। तब से गुजरात पुलिस उसे खोज रही थी। इंस्पेक्टर एसटीएफ हुकुम सिंह ने बताया कि गुजरात पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी की लोकेशन आगरा में है। उन्होंने आगरा एसटीएफ यूनिट से मदद मांगी थी। जांच में सामने में आया आरोपी सिकंदरा क्षेत्र के राम रघु आनंद सोसाइटी में रह रहा है। एसटीएफ आगरा यूनिट और गुजरात पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह मूल रूप से दिल्ली का रहने वाला है। लॉकडाउन से पहले हुए आईपीएल के सट्टे में 15 लाख रुपए हार गया था, जिसके बाद उसके ऊपर कर्ज हो गया था, जिसके चलते उसे अपने मकान को गिरवी रखना पड़ा था। इसके बाद में वह आगरा में अपने दोस्त योगेश के पास आकर रहने लगा। यहीं उसकी मुलाकात पुष्कर चौधरी और बाबू सिंह तोमर से हुई। इन लोगों ने उसकी पहचान सुंदर जाट, चंद्रभान आदि से कराई। इन लोगों ने वर्ष 2021 में फरवरी के महीने में अहमदाबाद गुजरात में सोना लूटने की योजना बनाई थी। वारदात से पहले रेकी के लिए अपने आधार कार्ड पर एक कार किराए पर ली। कार की नंबर प्लेट बदलकर उस पर नीली बत्ती लगा दी गई। फर्जी आयकर विभाग के आईडी कार्ड बनवा लिए। अहमदाबाद में एक बस से सोना लेकर दो व्यक्ति यात्रा कर रहे थे, उन्हें आयकर अधिकारी बनकर रुकवाया और सोना लूट लिया।










