आगरा। भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद रामप्रताप सिंह चौहान रविवार को राज्यसभा सांसद बनने के बाद पहली बार आगरा में आए। कार्यकर्ताओं में जोशीले अंदाज में उनका स्वागत किया। दूसरी ओर रामप्रताप सिंह चौहान ने एक बार फिर अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि उनके कार्यकर्ताओं का काम नहीं रुकना चाहिए। कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान को कभी झुकने नहीं दिया जाएगा।
रविवार दोपहर करीब सवा दो बजे लखनऊ से पहली बार आगरा आगमन पर उनका काफिला इनर रिंग रोड स्थित रहनकलां टोल प्लाजा पहुंचा। यहां पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। स्वागत कार्यक्रम के दौरान राज्यसभा सांसद ने कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन चल रहा है। इसमें जो भी अराजकता फैलाएगा, वह निश्चित रूप से कार्रवाई का भागीदार होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कार्यकर्ताओं से उनके निर्देशों का पालन करने की अपील की। विजय नगर स्थित आवास पर पहुंचने पर परिवार के सदस्यों ने तिलक लगाकर और आरती उतारकर उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। स्वागत समारोह के दौरान रामप्रताप सिंह चौहान ने पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त करते हुए कहा, “यह पार्टी मेरी मां है। भाजपा के झंडे में ही लिपटकर जाऊंगा।” उनके इस बयान को पार्टी और संगठन के प्रति समर्पण के संदेश के रूप में देखा गया। उन्होंने राज्यसभा तक पहुंचने के लिए पार्टी नेतृत्व का आभार जताया और कार्यकर्ताओं से पूरी निष्ठा, मेहनत तथा समर्पण के साथ संगठन के लिए काम करते रहने की अपील की। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए बताया कि उनकी राजनीति की शुरुआत युवा मंडल अध्यक्ष के रूप में हुई थी। इसके बाद संगठन में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाते हुए वह प्रदेश महामंत्री और पश्चिम उत्तर प्रदेश के प्रभारी के पद तक पहुंचे। अब राज्यसभा सांसद के रूप में निर्वाचित होना उनके राजनीतिक सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय पार्टी नेतृत्व और संगठन के कार्यकर्ताओं की मेहनत को दिया। अपने संबोधन में रामप्रताप सिंह चौहान ने यूजीसी से जुड़े मुद्दे पर भी विचार रखे। उन्होंने सवर्ण, पिछड़ा और अनुसूचित जाति के लोगों को एक ही गमले के फूल बताते हुए सामाजिक एकता की बात कही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका को माली से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का काम कर रहे हैं और किसी को बिछड़ने नहीं देंगे। उनके इस बयान के जरिए समाज के विभिन्न वर्गों के बीच समन्वय और एकजुटता का संदेश देने की कोशिश दिखाई दी। यूजीसी के मुद्दे पर राजनीतिक बहस के बीच उन्होंने सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की बात रखी। कार्यक्रम के दौरान राज्यसभा सांसद ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक गतिविधियों पर टिप्पणी करते हुए भाजपा की विचारधारा और पार्टी नेतृत्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उनके संबोधन में संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की भूमिका और पार्टी के प्रति समर्पण प्रमुख रूप से सामने आया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि संगठन की ताकत उसकी जमीनी इकाई और समर्पित कार्यकर्ता होते हैं। ऐसे में सभी को पार्टी की नीतियों और विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। स्वागत करने वालों में जिला अध्यक्ष प्रशांत पोनिया, शहर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, एमएलसी विजय शिवहरे, दीपू जादौन, भूपेंद्र चौहान आदि शामिल रहे।










