लखनऊ। उत्तर प्रदेश 2022 विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही समाजवादी पार्टी में उथल-पुथल मची हुई है। एक ओर जहां सपा प्रमुख अखिलेश यादव से उनके चाचा शिवपाल यादव नाराज चल रहे हैं। वहीं पार्टी के कद्दावर नेता और सपा विधायक आजम खान के खेमे ने बगावती सुर अपना लिए हैं। प्रसपा मुखिया की आजम से मुलाकात के बाद अन्य दलों के नेताओं का सीतापुर जेल पहुंचना शुरू हो गया है।
सोमवार को कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम भी आजम से मिलने पहुंच गए। मुलाकात कर बाहर निकले प्रमोद कृष्णम ने कहा कि जेल में आजम खान पर बहुत अत्याचार हो रहा है। आजम को हमने गीता पुस्तक भेंट की और उन्होंने हमें खजूर खिलाए।
रविवार को समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा सीतापुर जेल में आजम खान से मुलाकात करने पहुंचे थे, लेकिन किसी कारण उनकी मुलाकात नहीं हो पाई। इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आजम खान की तबीयत खराब है। वहीं खबर ये भी आ रही है कि आजम खान ने रविदास मेहरोत्रा से मिलने से मना कर दिया था। वहीं, आजम खां मामले पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को दिए अपने एक बयान में कहा था कि सपा उनके साथ है। उन्होंने कहा कि आजम खान की जमानत कराने के लिए हम लोग प्रयास कर रहे हैं। उनके लिए कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।
हाल ही में प्रसपा मुखिया और सपा विधायक शिवपाल यादव आजम खान से मिलने पहुंचे थे। मुलाकात के बाद शिवपाल ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा था कि 10 बार के विधायक आजम भाई विधानसभा में सबसे सीनियर लीडर है। लोकसभा और राज्यसभा में भी रह चुके है, उनके लिये समाजवादी पार्टी को आंदोलन करना चाहिए था।











