वाराणसी। ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग को लेकर कानूनी लड़ाई में अब एक नया मोड़ आ गया है। एक ओर जहां कोर्ट श्रृंगार गौरी केस की मेंटेनेबिलिटी पर सुनवाई कर रही है, वहीं हिंदू पक्ष ने दावा किया है कि ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग को क्षतिग्रस्त करने की कोशिश की गई है।
कोर्ट में गुरुवार को हुई सुनवाई के बाद वकील विष्णु जैन ने कहा कि हर हिंदू पक्ष का सदस्य ये मानता है कि ज्ञानवापी में मिला शिवलिंग भगवान आदि विश्वेश्वर का शिवलिंग है। इस शिवलिंग को जान बूझकर क्षतिग्रस्त किया गया है। एक बार जब मेंटेनेबिलिटी का केस एक्सेप्ट हो जाएगा तो इस मामले में भी अदालती अर्जी दी जाएगी। आखिर कड़ी सुरक्षा के बीच शिवलिंग को कथित तौर पर कैसे क्षतिग्रस्त कर दिया गया? यह एक सवाल है, जिस पर हिंदू पक्ष के वकील भड़क गए हैं।
शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों का समाधान विधानसभा चुनाव से पहले करने की मांग रखी
आगरा। उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर योगी सरकार पर दबाव बढ़ाना...











