आगरा। गैर इरादतन हत्या, गर्भपात एवं एमटीपी एक्ट के तहत कोर्ट ने एक चिकित्सक को दोषी मानते हुए 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
एत्मादपुर निवासी भूरी सिंह ने अपनी तीन माह की गर्भवती पत्नी मनीषा को पेट में दर्द होने पर 24 मार्च 2011 को ट्रांस यमुना कॉलोनी स्थित मां शृंगार अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल संचालक केपी सिंह ने कहा कि तुरंत गर्भपात करा लो। वहीं भूरी सिंह से गर्भपात कराने के लिए फीस भी ले ली। चिकित्सक ने उपचार में घोर लापरवाही भी बरती, जिससे गर्भाशय समेत अन्य अंदरूनी अंगों को काफी नुकसान पहुंचा। अपर जिला जज रनवीर सिंह ने आरोपी को सजा के साथ ही 41,000 रुपये के अर्थदंड से भो दंडित किया है।











