लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में अखिलेश यादव ने नए सदस्य के रूप में पहली बार बोलते हुए अपने तेवर भी दिखा दिए। उन्होंने नवनिर्वाचित विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को बधाई दी, वहीं योगी सरकार को जमकर घेरा। अंग्रेजों के जमाने की चर्चा की। उन्होंने कहा कि विधानसभा का भवन अंग्रेजों ने बनाया और सीएम योगी आदित्यनाथ की तरफ तंज कसते हुए कहा कि नेता सदन जिस कक्ष में बैठते हैं, उसे समाजवादी पार्टी की सरकार में बनवाया गया था। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की विदेश यात्रा से लेकर उन्हें लेफ्ट और राइट दोनों पर ध्यान देने की बात कही।
सतीश महाना का स्वागत करते हुए अखिलेश ने कहा कि आप जनता के बीच इतने घुल-मिल गए होंगे कि दूसरे नेताओं को आपके इलाके में जीत नहीं मिल पाती। इसी प्रकार सदन में भी सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, आप घुल मिल जाएं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को कुछ अधिक तरजीह दें, ताकि विपक्ष को अपनी बात रखने का मौका मिले। उन्होंने सत्ता पक्ष को लपेटा भी और कई मामले भी उठा दिए। उन्होंने अपराध के मामलों पर राज्य सरकार को घेरा और तेल की बढ़ती कीमतों पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। यूपी विधानसभा में अखिलेश यादव का तेवर पांच साल बाद देखने को मिला। वर्ष 2017 की विधानसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार के बाद वे विधान परिषद का सदस्य बनकर रह गए थे। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में जीत के बाद वे संसद पहुंचे। वहां उनकी आवाज सुनी गई। इसके बाद विधानसभा चुनाव में उन्होंने मैनपुरी के करहल विधानसभा सीट से किस्मत आजमाई और जीत दर्ज कर नेता प्रतिपक्ष बने हैं। नए विधानसभा अध्यक्ष के तौर पर सतीश महाना के चयन पर स्वागत भाषण में अखिलेश ने सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष को पर्याप्त मौका दिए जाने की बात कही। उन्होंने राइट की जगह लेफ्ट को अधिक तरजीह देने की बात कही तो सदन में जमकर ठहाके लगे।
अखिलेश यादव ने अपने मुख्यमंत्री काल की घटनाओं का भी इस मौके पर जिक्र किया। अखिलेश ने कहा कि हमें समय-समय पर आपके संरक्षण की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि हम जब मुख्यमंत्री थे तो आपके कई सवालों के जवाब हमारे मंत्री नहीं दे पाते थे। इसके बाद हमें उठकर जवाब देना पड़ता था। इस प्रकार से अब आपकी जिम्मेदारी होगी कि विपक्ष को सवाल पूछने का पर्याप्त मौका मिले। उन्होंने कहा कि आपको ध्यान देना होगा कि यह जो निर्वाचित सरकार है, वह तानाशाह न बन जाएगा। अखिलेश ने कहा कि आप विपक्ष को जितना मौका देंगे, लोकतंत्र उतना ही मजबूत होगा। अखिलेश ने पहले आश्चर्य जताया कि विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना 35 विदेश यात्राएं कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष अब आगे विदेश यात्राएं करें तो विपक्ष को भी मौका दें। साथ ही, चुटकी लेते हुए कहा कि कुछ लोगों को विदेश जाने की इच्छा ही नहीं होती। दरअसल, चुनाव अभियान के दौरान अखिलेश यादव के 10 मार्च के बाद विदेश जाने की बात भाजपा नेताओं की ओर से कही गई थी। अखिलेश ने चुटकी लेते हुए कहा कि अगर हम विदेश नहीं जाते तो विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे नहीं बनवा पाते। कानपुर में मेट्रो नहीं बनवा पाते।
उन्होंने कोरोना काल से लेकर सरकार की कमियों की चर्चा की। उन्होंने सरकार को कानून व्यवस्था के मसले पर घेर लिया। अखिलेश ने कहा कि सोमवार को जब हम शपथ लेकर अपने घर पहुंचे तो हमें पेट्रोल पंप पर लूट की जानकारी मिली। वहीं, एक युवक ने नौकरी नहीं मिलने के कारण आत्महत्या का समाचार मिला। इन मसलों पर भी सरकार को ध्यान देने की जरूरत है। अखिलेश ने साफ कर दिया कि वे अब सरकार को इन मामलों पर सदन में लगातार घेरते रहेंगे।











