लखनऊ। अपने भतीजे और सपा प्रमुख अखिलेश यादव से नाराज चल रहे शिवपाल सिंह यादव फिलहाल विधानसभा की सदस्यता की शपथ लेने के मूड में नहीं हैं। विधानसभा की सदस्यता की शपथ लेने का काम अभी पूरा हो गया है और नए विधानसभा अध्यक्ष का भी चुनाव हो गया लेकिन शिवपाल यादव कहीं नजर नहीं आए। वहीं सपा नेता आजम खान को कोर्ट ने शपथ लेने के लिए विधानसभा जाने की अनुमति नहीं दी। इसलिए उनका भी शपथ ग्रहण खटाई में पड़ गया है।
गौरतलब है कि शिवपाल सिंह यादव चाहते थे कि सपा विधायक दल की बैठक में उन्हें बुलाया जाए और वह इस बैठक के न्योते का इंतजार ही करते रह गए लेकिन सपा की ओर से उन्हें न्योता नहीं भेजा गया। शिवपाल का कहना है कि वह सपा के टिकट से ही चुनाव जीते हैं और वह सपा के ही विधायक हैं। ऐसे में उन्हें इस बैठक के लिए न्योता क्यों नहीं भेजा गया। उन्हें क्यों नहीं बुलाया गया? वहीं सपा का तर्क है कि सहयोगी दलों के नेताओं को बैठक के लिए नहीं बुलाया गया था। शिवपाल यादव ने अपनी नई पार्टी बनाई है, जिसका नाम प्रसपा है। लेकिन इस बार विधानसभा चुनाव में वह सपा के ही टिकट पर चुनाव लड़े थे और जसवंतनगर सीट से चुनाव जीते भी थे। चुनाव से पहले सपा के साथ हुए गठजोड़ के तहत उन्हें एक ही सीट दी गई थी, जिस पर वह जीत गए थे।
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