आगरा। एत्माउद्दौला थाने में एक ट्रेनी दरोगा ने एक वारंटी लाकर बंद किया था। सुबह ट्रेनी दरोगा को पता चला की वारंटी को छोड़ दिया गया है। इधर जब भी कोई घटना होती है कार्रवाई ट्रेनी दरोगा तक ही सीमित रह जाती है। यह देख उसे लगा उसे नहीं फंसा दिया जाए। उसने अधिकारियों को सूचना दी। अधिकारी मामले को रफादफा करना चाहते थे। दूसरे प्रशिक्षु दरोगाओं को जब यह पता चला तो उन्होंने घटना के बारे में बताना शुरू कर दिया। इसके बाद जांच शुरू हो गयी है।
नगला देवजीत निवासी उदय के कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी हुए थे। थाने में तैनात एक प्रशिक्षु दरोगा को वारंट दिया गया। प्रशिक्षु दरोगा ने दबिश दी और उदय को पकड़ लिया। पुलिस कर्मियों की मानें तो उदय के पकड़े जाते ही सिफारिश करने वाले सक्रिय हो गए। पहले प्रशिक्षु दरोगा को प्रलोभन दिया। उसने किसी की एक नहीं सुनी। वारंटी को थाने लेकर कार्यालय में मुंशी के सुपुर्द कर दिया। वारंटी नाटकीय अंदाज में छूट गया। जब प्रशिक्षु दरोगा को इसकी जानकारी हुई तो उसने पता करने का प्रयास किया कि वारंटी आखिर थाने से कैसे छूट गया। उससे पुलिस कर्मियों ने कह दिया शांत रहे। ज्यादा छानबीन करेगा तो कार्रवाई उसके खिलाफ ही हो जाएगी। उसने अधिकारियों को घटना से अवगत कराया, जिससे कभी कोई शिकायत हो तो उसके खिलाफ कार्रवाई न हो जाए। मामला संज्ञान में आने के बाद अधिकारी गोपनीय रूप से जानकारी जुटा रहे हैं।











