आगरा। सेंट्रल ट्रेड यूनियंस ने आज और कल भारत बंद बुलाया है। इस बंद का बैंकिंग और ट्रांसपोर्ट सेवाओं पर व्यापक असर दिख रहा है। आल इंडिया बैंक कर्मचारी एसोसिएशन ने भी भारत बंद को समर्थन दे दिया है। इसके कारण सरकारी बैंक भी बंद हैं और संभावना है कि वे कल भी बंद रहेंगे। इसके अलावा रोडवेज, बिजली, कोयला, डिफेंस, आयल, टेलिकॉम, पोस्टल के कर्मचारी संगठन भी बंद में सहयोग कर रहे हैं। ऐसे में आज यहां आईएसबीटी से भी रोडवेज की बसें नहीं संचालित की जा रही हैं। हजारों लोग बस के इंतजार में सड़क पर खड़े हैं।
बैंक यूनियन सरकारी बैंकों के प्राइवेटाइजेशन को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रही हैं। यूनियन की प्रमुख मांगों में लेबर कोड को समाप्त करना, हर तरह का निजीकरण रोकना, मनरेगा मजदूरी के लिए आवंटन बढ़ाना, कॉन्ट्रैक्ट लेबर को परमानेंट करना शामिल है। सरकारी बैंक बंद होने का असर पूरे देश में दिख रहा है। रोडवेज के बंद होने के कारण सड़कों पर यातायात कम है। राजधानी दिल्ली से मिली जानकारी के अनुसार आटो और टैक्सी भी नहीं चल रहे हैं लेकिन आगरा में आटो में चल रहे हैं।
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और बैंक कर्मचारियों की एसोसिएशन के बुलाए भारत बंद को रोडवेज, ट्रांसपोर्ट और बिजली कर्मचारियों का भी समर्थन है। इसके अलावा लेफ्ट पार्टियां और कांग्रेस जैसे राजनीतिक दल भी बंद के पक्ष में हैं। लेफ्ट दल इस मुद्दे को संसद में उठाने की तैयारी में हैं। भारतीय मजदूर संघ ने भारत बंद से दूरी बनाई है। संघ ने कहा कि यह हड़ताल राजनीतिक रूप प्रेरित है और चुनिंदा राजनीतिक दलों को बचाए रखने के लिए हो रही है। कई इलाकों में बिजली की सप्लाई पर असर पड़ रहा है। लेकिन आगरा में ऐसा नहीं है।











