आगरा। डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में केंद्र संचालकों के द्वारा वसूली की शिकायत पर वहां संविदा शिक्षक को पर्यवेक्षक बनाए जाने पर औटा विरोध में आ गई है। औटा अध्यक्ष प्रोफेसर पुष्पेंद्र सिंह का कहना है कि एडेड कॉलेज में सैकड़ो स्थाई शिक्षक मौजूद हैं। फिर भी संविदा शिक्षक पर्यवेक्षक बनाए जा रहे हैं। खानापूर्ति और कार्रवाई का दिखावा करने के लिए संविदा के शिक्षक पर्यवेक्षक बनाए जा रहे हैं।
24 जनवरी से विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही हैं। परीक्षाओं को बीच में भी पूर्व की भांति केंद्र बदले जा रहे हैं। इसके साथ ही केंद्रों पर वसूली की भी शिकायतें आ रही हैं। फतेहपुर सीकरी में जेपी शर्मा कॉलेज की छात्रों ने शिकायत की है। छात्रों ने कहा है कि प्रति पेपर 500 रुपये मांगे जा रहे हैं। आर्थिक स्थिति खराब होने के चलते वह परीक्षा छोड़ रहे हैं। मामला सुर्खियों में आने के बाद विश्वविद्यालय ने भौतिक विज्ञान विभाग के संविदा शिक्षक डॉक्टर आशुतोष द्विवेदी को वहां पर्यवेक्षक बनाया है। औटा अध्यक्ष प्रोफेसर पुष्पेंद्र सिंह का कहना है कि आगरा के एडेड कॉलेज में 500 से 600 स्थाई शिक्षक हैं। फिर भी परीक्षा नियंत्रक के द्वारा संविदा शिक्षक को पर्यवेक्षक बनाया जा रहा है। इससे साफ पता चलता है कि विश्वविद्यालय परीक्षाओं का किस तरीके से मजाक उड़ा रहा है। केंद्रों पर वसूली की शिकायतें आ रही हैं और उन्हें डीबार भी नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि वह इस संबंध में कुलपति से वार्ता करेंगे। इधर जिस आरसीएस मेमोरियल कॉलेज का जेपी शर्मा कॉलेज में केंद्र बनाया गया है, उस आरसीएस मेमोरियल कॉलेज संचालक ने परीक्षा नियंत्रक से शिकायत की है कि केंद्र पर छात्रों के साथ अनैतिक व्यवहार किया जा रहा है। उनका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है, उनसे वसूली भी हो रही है। चुनिंदा छात्रों को अलग से कमरों में बैठाकर नकल कराई जा रही है।











