आगरा। जगनेर स्थित ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय संस्था आश्रम में सगी बहनों की खुदकुशी के मामले में नया मोड़ सामने आया है। उनके साथ न केवल 25 लाख रुपये की ठगी हुई थी बल्कि ठगी करने वाले उन्हें धमका भी रहे थे। शायद किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि आश्रम के पीछे अय्याशी का अड्डा भी होगा। लेकिन बहनों के सुसाइड नोट को पढ़कर लोगों की आंखें खुली की खुली रह गईं। उन्होंने अपने भाई से प्रार्थना की, कि भैया इस केस को जरूर लड़ना, चाहे जितना पैसा लग जाए। भाई ने चार लोगों के खिलाफ खुदकुशी के लिए दुष्प्रेरित करने की धारा के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने एक महिला सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
तांतपुर निवासी एकता सिंघल और शिखा सिंघल के शव फंदे पर लटके मिले थे। दोनों बहनें वर्ष 2005 में ब्रह्माकुमारी आश्रम से जुड़ी थीं। एसीपी खेरागढ़ महेश कुमार ने बताया कि करीब चार वर्ष पहले दोनों बहनें जगनेर में बसेड़ी मार्ग स्थित ब्रह्माकुमारी आश्रम में रहने लगी थीं। शुक्रवार की रात करीब सवा ग्यारह बजे रूपवास ब्रह्माकुमारी आश्रम की एक बहन ने फोन करके एकता और शिखा के भाई सोनू सिंघल को घटना की जानकारी दी थी। दोनों बहनों ने रूपवास आश्रम की बहन को सुसाइड नोट भेजा था। सोनू सूचना पर आश्रम पर पहुंचा था वहां दोनों बहनों के शव फंदे पर लटके मिले थे। सुसाइड नोट में दोनों बहनों ने साफ लिखा है कि वे खुदकुशी क्यों कर रही हैं। उन्होंने इस बात की मांग भी की है कि आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिले। सुसाइड नोट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित करते हुए भी लिखा है कि आरोपियों को आसाराम बापू की तरह आजीवन कारावास की सजा कराई जाए। मुकदमे और सुसाइड नोट के आधार पर धौलपुर निवासी ताराचंद्र सिंघल, गुड्डन (गिर्राज एन्क्लेव बल्केश्वर) व पूनम (पोरसा, मुरैना) को पकड़ा गया है। सुसाइड नोट अपने आप में पर्याप्त है। पुलिस उसे जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजेगी। नीरज सिंघल फरार है, उसकी तलाश के लिए पुलिस टीम माउंट आबू जाएगी।
पिता ने जमीन बेचकर सात लाख रुपये दिए थे
एकता ने सुसाइड नोट में अपनी पीड़ा व्यक्त की है। लिखा है कि नीरज ने उनके साथ सेंटर में रहने का आश्वासन दिया था। सेंटर बनने के बाद बात करना बंद कर दिया। उनके पिता ने जमीन बेचकर सात लाख रुपये दिए थे। 18 लाख रुपये आश्रम के लिए उन्होंने जन सहयोग से जुटाए थे। नीरज अकाउंट का काम देखता था। 25 लाख रुपये हड़प गया। नीरज का साथ ग्वालियर आश्रम में रहने वाले उसके पिता ताराचंद सिंघल ने दिया। पूनम और गुड्डन भी इनसे मिले हुए थे। चारों ने उनके साथ गद्दारी की है। एकता ने सुसाइड नोट में लिखा है कि नीरज ने एक महिला के साथ मिलकर सेंटर के नाम पर 25 लाख रुपये हड़पे। इन रुपयों से नीरज ने अपना फ्लैट खरीद लिया। रकम ठिकाने लगाने के बाद नीरज सेंटर बनवाने की अफवाह फैलाता रहा। ये लोग यज्ञ में बैठने लायक भी नहीं हैं।











