आगरा। थाना न्यू आगरा में एक बिल्डर और उसकी पत्नी सहित एक दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ है।
सिद्धार्थ नगर खंदारी निवासी सुशील कुमार अग्रवाल पुत्र स्वर्गीय रामजीलाल अग्रवाल ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें गायत्री बिल्डर के मालिक हरिओम दीक्षित, उनकी पत्नी कल्याणी दीक्षित, गुरुग्राम हरियाणा निवासी राजीव गुप्ता, देवेंद्र दीक्षित निवासी एमआइजी आवास विकास कॉलोनी सेक्टर 10 थाना सिकंदरा, रितु गुप्ता निवासी ग्रेटर नोएडा, शिवानी चतुर्वेदी निवासी शास्त्रीपुरम सिकंदरा, राधा रानी चतुर्वेदी निवासी थाना सिकंदरा, विमल कुमार निवासी ओल्ड ईदगाह कॉलोनी, चंद्रशेखर, मनोरमा शर्मा निवासी शमशाबाद, राजकुमार शर्मा निवासी फतेहाबाद, राकेश मोनिया, दीपू भदौरिया, अजय शर्मा के ऊपर फ्लैट के नाम पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे। थाना न्यू आगरा में दर्ज हुए मुकदमे के अनुसार सुशील कुमार अग्रवाल ने इन सभी पर आरोप लगाते हुए बताया है कि शिवानी चतुर्वेदी और राधा रानी ने उनको फतेहाबाद रोड स्थित गायत्री रिट्रीट नाम के प्रोजेक्ट के उद्घाटन में बुलाया था। ऐसोटेक प्राइवेट लिमिटेड की कंपनी गायत्री रिट्रीट में इन्वेस्ट करने की बात कहते हुए कहा गया था कि हम लोग भी इस कंपनी में गोपनीय तौर पर पार्टनर हैं। आपका पूरा पैसा सुरक्षित होगा, क्योंकि इस प्रोजेक्ट के निदेशक हरिओम दीक्षित और उनकी पत्नी कल्याणी हैं। प्रोजेक्ट के उद्घाटन में शिवानी और राधा रानी ने उनकी मैनेजर रितु गुप्ता से मुलाकात करवाई। मैनेजर ने प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी और उनको नक्शे दिखाने के बाद मैनेजर ने कंपनी के फाइनेंसर राजीव गुप्ता से मुलाकात करवाई। वहीं हरिओम दीक्षित और उनकी पत्नी कल्याणी भी उस समय मौके पर पहुंच गईं, जहां उन्होंने अपनी बातों के जाल में फंसाकर प्रोजेक्ट के बारे में समझाते हुए पैसा लगाने को कहा। एफआईआर के अनुसार सुशील अग्रवाल ने बताया कि हरिओम दीक्षित की बातों में आकर उन्होंने प्रोजेक्ट में 2 फ्लैट बुक करवा लिए। जिसके एवज में उन्होंने 20-20 लाख के दो चेक दिए। चेक लेने के बाद हरिओम दीक्षित ने पूरी लिखा पढ़ी कर उनको भरोसा दिलाया कि प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद उनको फ्लैट दे दिए जाएंगे। वहीं उन्होंने आरोप लगाया कि हरिओम दीक्षित ने उनसे फाइनेंस करवाने के नाम पर चार फ्लैट और बुक करवा दिए और उनसे एसोटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के नाम पर 96 लाख की रकम ले ली। उन्होंने बताया कि करोड़ों रुपए की रकम लेने के बाद हरिओम और उनकी पत्नी कल्याणी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर उनके बुक कराए फ्लैटों को ओल्ड ईदगाह निवासी विमल कुमार और मनोरमा निवासी शमशाबाद को बेच दिया। बता दें कि पूर्व में भी हरिओम दिक्षित और उनकी पत्नी जेल जा चुके हैं।











