आगरा। इलाज में लापरवाही के लिए हरीपर्वत क्षेत्र स्थित एक हास्पिटल के चैयरमेन, चिकित्सक सहित कई अन्य लोगों के खिलाफ हरीपर्वत थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद सीएमओ के द्वारा जांच की गई, उसके बाद यह मुकदमा दर्ज हुआ है।
पीड़ित राजेश जैन निवासी फिरोजाबाद के द्वारा अपनी तहरीर में कहा गया है कि उसकी पत्नी मधु जैन को कुछ बीमारियां थी, जिसके चलते उनका दिल्ली- नोएडा में उपचार चला था। 9 मई 2024 को उनकी पत्नी मधु जैन को दिखाने के संबंध में उन्होंने उक्त हॉस्पिटल के डॉक्टर से बात की थी और उन्हें हॉस्पिटल में दिखाने आगरा लाए। अस्पताल के द्वारा बताया गया पत्नी का बीपी बढ़ा हुआ है और सोडियम थोड़ा कम है। उन्हें यह कहकर गुमराह कर दिया गया कि उनकी पत्नी की स्थिति यात्रा के लिए सुरक्षित नहीं है। सोडियम चढ़ाना बहुत जरूरी है। इसके बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती कर लिया। 10 और 11 मई को सोडियम चढ़ाने का इलाज किया गया। उनका कहना है कि अस्पताल का नर्सिंग स्टाफ सोडियम चढ़ाने में ट्रेंड नहीं था। 12 मई की रात को उनकी पत्नी बेहोश हो गई और 13 मई की सुबह तक उनकी हालत बहुत बिगड़ गई। अस्पताल में उपचार के साधन होने के बावजूद उनका परामर्श नहीं किया गया। जानबूझकर गलत और अधूरा उपचार दिया गया, जिसमें अनुचित मात्रा में सोडियम और हाइपरटॉनिक सलाइन का उपयोग किया गया जिससे उनकी स्थिति और गंभीर हो गई। 13 मई को जब डॉक्टर विश्व दीपक आए उन्होंने मरीज की स्थिति को देखा तो आनन फानन में उन्हें चेंबर में ले गए और कहा कि इनको आप शीघ्र दिल्ली ले जाओ। यहां हमारे हॉस्पिटल में इतनी सुविधा नहीं है। इसके बाद सर गंगा राम हॉस्पिटल के लिए उन्हें रवाना भी कर दिया। सर गंगाराम हॉस्पिटल में यह स्पष्ट हुआ की पुष्पांजलि हॉस्पिटल में सोडियम तीव्र गति से चढ़ाया गया जिससे मरीज को cpm हो गया और वह कोमा में चली गई। एक महीने तक सर गंगा राम हॉस्पिटल में उपचार चला। इससे पीड़ित को काफी परेशानी हुई और 80 लाख रुपए का आर्थिक नुकसान भी हुआ। मामले में उसने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री के आदेश पर सीएमओ के द्वारा मामले की जांच कराई गई और सीएमओ की जांच आख्या के बाद पुलिस कमिश्नर के द्वारा हॉस्पिटल के चैयरमेन, डॉ हेमेंद्र अग्रवाल, डॉ. पुनीत मित्तल, डॉ. मनीष शर्मा, डॉ लाल, डॉ विश्व दीपक के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है।











