आगरा। न्यू आगरा थाने में कुछ अधिवक्ताओं सहित 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है। आरोप है कि इन सभी ने मिलकर करोड़ों रुपए की जमीन अपने नाम करा ली।
केके नगर निवासी मनोज कुमार शर्मा ने पुलिस को बताया है कि 31 जनवरी की सुबह वह दीवानी आए थे। दीवानी के बाहर से उनका अपहरण कर लिया गया। उन्हें लायर्स कालोनी स्थित एक तीन मंजिला घर में ले जाया गया। आरोप है कि उमेश जोशी ने उन पर रिवाल्वर तान दी। बिजली के तार से उनका गला घोंटने का प्रयास किया गया। एक दस्तावेज लेखक और उनका बेटा भी वहां मौजूद थे। उनसे लिखित स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर कराए गए। अंगूठे की निशानी ली गई। कागजों पर उनका फोटो विक्रेता के रूप में लगा हुआ था। दस्तावेज लेखक और उनका बेटा वहां से चले गए। करीब डेढ़ घंटे बाद वापस लौटकर आए। कुछ कागजों पर उनसे फिर से हस्ताक्षर कराए। उन पर सुनील शर्मा और उनका फोटो लगा था। मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि कूटरचित दस्तावेज बनाकर उनकी भावना एस्टेट के पास स्थित 1107 गज जमीन अपने नाम कराई गई है।
वहीं दूसरी तरफ मुकदमे में नामजद सुनील शर्मा का कहना है कि मनोज शर्मा ने उनसे 1106 वर्ग गज जमीन खरीदी थी। जिसके 3.58 करोड़ रुपये शेष हैं। उनके पास चेक, एग्रीमेंट और लिखित दस्तावेज हैं। रुपये न दे पाने पर मनोज शर्मा ने खुद ही वापसी बैनामा तैयार कराया था। जो अभी तक रजिस्टर्ड नहीं हुआ है। सारे आरोप निराधार हैं। डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने बताया कि सीसीटीवी खंगाले गए थे। पुलिस को कुछ साक्ष्य मिले थे। इसी आधार पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बलवा, मारपीट, अपहरण, जान से मारने की धमकी, कूट रचित दस्तावेज तैयार करना, आपराधिक षड्यंत्र की धारा के तहत मुकदमा लिखा है। मुकदमे में सुनील शर्मा, उमेश शर्मा, नितिन वर्मा, राम उपाध्याय उनका बेटा आरोपित हैं।











