आगरा। डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय में कल बुधवार को कुलाधिपति के अपर मुख्य सचिव निरीक्षण पर आ रहे हैं। उनके आने को लेकर विश्वविद्यालय में खलबली मची हुई है। इसके साथ ही उनके आने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। क्या वह अधिवक्ता डॉ. अरुण दीक्षित के द्वारा विश्वविद्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार की राज भवन में शिकायत के बाद जांच को आ रहे हैं। यह सवाल भी खड़े हो रहे हैं। हालांकि इस बात की अभी पुष्टि नहीं है।
मंगलवार को विश्वविद्यालय में राजभवन से कुलाधिपति के अपर मुख्य सचिव सुधीरएम बोबडे के बुधवार को आने की सूचना आई। वर्ष 2010 में जब वह आगरा में कमिश्नर थे तो उन्होंने विश्वविद्यालय में छापा भी मारा था। तत्कालीन कुलसचिव पीसीएस शत्रुघ्न सिंह की उन्होंने जांच कराई थी। कल उनके आने की खबर से विश्वविद्यालय में हड़कंप मच गया है। खंदारी कैंपस में सफाई शुरू कर दी गई है। वह 11:00 बजे विश्वविद्यालय में आ जाएंगे। 11:00 बजे से लेकर 2:00 बजे तक विश्वविद्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। 2:30 बजे से लेकर 5:00 तक विश्वविद्यालय के विभिन्न संस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद वह लखनऊ के लिए चले जाएंगे।
कुछ दिनों पहले विश्वविद्यालय के विधिक सलाहकार डॉ. अरुण कुमार दीक्षित ने विश्वविद्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार और बिलों पर मांगे जा रहे कमीशन की प्रधानमंत्री और राजभवन में शिकायत की है। क्या उनकी शिकायत के बाद अपर मुख्य सचिव आ रहे हैं। यह जानने के लिए सभी उत्सुक हैं।
इधर कुछ महीने पहले फैजाबाद की कुलपति की राजभवन में शिकायत हुई थी। शिकायत के बाद अपर मुख्य सचिव विश्वविद्यालय में निरीक्षण पर पहुंचे थे और उसके बाद अपनी रिपोर्ट कुलाधिपति को सौंपी थी। कुलपति ने इस्तीफा भी दे दिया है। डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय में भी भ्रष्टाचार की शिकायत हुई है। चार महीने पहले ही कुलपति पद पर विज्ञापन भी निकल गया है। अपर मुख्य सचिव निरीक्षण पर भी आ रहे हैं। आखिर सब कुछ सही तो है? यह जानने के लिए विश्वविद्यालय में सभी शिक्षक और कर्मचारी जुटे हुए हैं।











