आगरा। डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में इस बार भी केंद्र बनाने में गड़बड़ी हुई है। वह कॉलेज केंद्र बना दिए हैं, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। कंट्रोल रूम प्रभारी की रिपोर्ट से यह बात आज साबित भी हो गई है।
विश्वविद्यालय की परीक्षाएं 13 अगस्त से शुरू हो गई हैं। पहले दिन छोटे कोर्स का पेपर था। अब बड़े कोर्स की परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। कंट्रोल रूम प्रभारी प्रोफेसर मनु प्रताप सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक आज की परीक्षा में 122 कॉलेजों में से 66 कॉलेजों में कैमरा नहीं चला। हैरानी की बात तो यह है कि 33 कॉलेजों में कैमरे ही नहीं है। इन कॉलेज संचालकों ने कंट्रोल रूम प्रभारी को लॉगइन आईडी और पासवर्ड ही नहीं दिया है, जबकि दो से तीन पेपर हो चुके हैं। इसके अलावा 33 कॉलेजों में कैमरे ऑफलाइन रहे।
विश्वविद्यालय द्वारा इस बार मानक पूरा करने वाले कॉलेजों को ही केंद्र बनाने की बात कही गई थी लेकिन यह फिर से हवाई साबित हुई। यही नहीं केंद्रों की दूरी का भी ध्यान नहीं रखा गया है। इस बार भी जियो टैगिंग पूरी तरीके से फेल नजर आई है। सैया के एक कॉलेज का पिनाहट में 60 किलोमीटर दूर केंद्र बनाया गया है। ऐसे ही मलपुरा के एक कॉलेज का बरौली गुर्जर में केंद्र बनाया गया है। शमसाबाद के एक कॉलेज का फतेहाबाद में केंद्र बनाया गया है। टेढ़ी बगिया पर एक कॉलेज के पास 6 से 7 कॉलेज हैं लेकिन फिर भी उसका केंद्र दूर बनाया गया है।
कैमरे नहीं होने पर भी केंद्र बनाए जाने पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश का कहना है कि जिन कॉलेजों में कैमरा नहीं चल रहे हैं उनको नोटिस दिया जाएगा।











