आगरा। पुलिस कमिश्नर डॉ., प्रीतिंदर सिंह ने एसिड पीड़िताओं का मुकदमा तो दर्ज कराया ही है। वह सरकार से उन्हें आर्थिक सहायता भी दिलाएंगे। ऐसा उन्होंने आश्वासन दिया है। एसिड पीड़िताओं ने वीडियो वायरल कर पुलिस कमिश्नर का तहे दिल से धन्यवाद किया है।
पुलिस कमिश्नर डॉ. प्रीतिंदर सिंह के सामने दो एसिड पीड़िता एसिड फेंकने वाले आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए न्याय की गुहार लेकर पहुंची थी। एसिड पीड़िताओं की पुलिस कमिश्नर ने अच्छे तरीके से बात सुनी और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। पहले मामले में पुलिस कमिश्नर ने एत्माद्दौला थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। साथ ही एसिड पीड़िता को आश्वासन दिया कि वह उसे सरकारी आर्थिक सहायता भी दिलाएंगे। मुकदमा दर्ज होते ही उन्होंने एडीजी जोन से भी मुकदमा अलीगढ़ में ट्रांसफर कराने के लिए बात कर ली है। मुकदमा पंजीकृत होने के बाद एसिड पीड़िता की ओर से एक वीडियो वायरल किया गया है। वीडियो में एसिड पीड़िता का कहना है कि मेरे ऊपर वर्ष 2002 में एसिड फेंका गया था। मैं पुलिस कमिश्नर से मिली थी उन्होंने तत्काल मेरा मुकदमा पंजीकृत कराया। साथ ही सरकारी सहायता भी दिला रहे हैं। मैं उनका धन्यवाद कर रही हूं। दूसरा मामला ताजगंज का है। यहां वर्ष 2000 में एक युवती के ऊपर एसिड फेंका गया था। पीड़िता पुलिस कमिश्नर के सामने 22 साल बाद पेश हुई। पुलिस कमिश्नर ने तत्काल उसका ताजगंज थाने में मुकदमा पंजीकृत कराया है। पीड़िता ने वीडियो वायरल कर पुलिस कमिश्नर का धन्यवाद किया है।
पुलिस कमिश्नर डॉ. प्रीतिंदर सिंह का डीएलए से बातचीत में कहना है कि पुलिस अधिकारियों का सबसे पहला काम पीड़ितों की मदद करना है, उन्होंने सिर्फ अपनी ड्यूटी की है। वह हर पीड़ित की इसी तरीके से मदद करते हैं। पुलिस कमिश्नर ने यह भी कहा कि वह एसिड पीड़िताओं को हर संभव मदद दिलाएंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हर पीड़ित के लिए उनका दरवाजा 24 घंटे खुला हुआ है।
क्या हैं मामले, जानें
एत्माद्दौला के पीलाखार में रहने वाली एक युवती वर्ष 2002 में अपनी बहन की ससुराल में अलीगढ़ गई थी। वहां बहन के देवर ने उसके ऊपर एसिड अटैक कर दिया था। परिवारीजनों के दबाव में उसने मुकदमा दर्ज नहीं कराया था। अब आरोपी उसे आए दिन धमका रहा है। पीड़िता अपनी फरियाद लेकर पुलिस कमिश्नर के सामने पेश हुई थी। पुलिस कमिश्नर ने तत्काल उसका मुकदमा पंजीकृत कराया।
ताजगंज वाली महिला वर्ष 2000 में एक कॉलेज में पढ़ाई कर रही थीं। वह कॉलेज जा रही थीं उसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके ऊपर एसिड फेंका था, उस समय उन्होंने मुकदमा पंजीकृत नहीं कराया था। 22 साल बाद वह पुलिस कमिश्नर के सामने पेश हुई। पुलिस आरोपी का पता लगाने में भी जुट गई है।










