आगरा। एक युवक को तमंचे में जेल भेजने के मामले में निबोहरा थाना पुलिस कटघरे में है। दो जन प्रतिनिधियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए शिकायत की है। डीजीपी के साथ पुलिस कमिश्नर से भी शिकायत की गई है। पुलिस कमिश्नर ने मामले में एडीसीपी सिटी आदित्य को जांच सौंपी है।
गांव सायकापुरा निवासी नर्मदा देवी ने शिकायत कर कहा है कि उनका बेटा जयप्रकाश उर्फ जेपी दिल्ली में होटल पर काम करता है। मौसी के घर शादी थी। एक जून को बेटा शादी में शामिल होने आया था। दो पक्षों में मारपीट हुई थी। किसी ने मारपीट करने वालों में उनके बेटे का नाम भी लिखा दिया। हालांकि बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया। तीन जून की रात पांच पुलिस कर्मियों ने घर में दबिश दी। बेटा सो रहा था। उसे पकड़ लिया। पूरे घर की तलाशी ली। उसके बाद बेटे को उठाकर अपने साथ ले गए। वे थाने पहुंचे। पुलिस ने उन्हें गालियां देकर भगा दिया। दूसरे दिन बेटे को तमंचे में जेल भेज दिया। पीड़ित पक्ष का आरोप कि उनसे थाने में किसी से बात तक नहीं की। एक बिचौलिया मिला था। उसने उनसे रुपये की मांग की थी। कहा था कि रुपये नहीं मिले तो जयप्रकाश जेल जाएगा। वह गरीब हैं इसलिए रुपयों का इंतजाम नहीं कर सकते थे। वहीं दूसरी तरफ इंस्पेक्टर निबोहरा जय नारायण का कहना है कि जिसे जेल भेजा वह रंगबाज है। उसकी गुंडागर्दी की आए दिन शिकायतें मिल रही थीं। एक युवक को बेरहमी से पीटा था। उस पर तमंचा ताना था। वही तमंचा बरामद किया गया था। पुलिस ने बिल्कुल सही कार्रवाई की है।











