आगरा। फैक्ट्री से जूते तो नए जाते थे लेकिन ई-कॉमर्स कंपनियों के पास पुराने जूते पहुंचते थे। शिकायत पर फैक्ट्री मालिक ने खुद ही जांच शुरू की। जांच में पाया कि कोरियर कंपनी के डिलीवरी ब्वाय जूते बदलते थे। सूचना पर पुलिस ने 11 डिलीवरी बॉय पकड़ लिए। पुलिस ने सिर्फ तीन को जेल भेजा। आठ छोड़ दिए। मामले में पुलिस अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है आठ लोगों को थाने से क्यों छोड़ा गया, इस बात का जवाब थाना पुलिस के पास भी नहीं है।
रोहिल अग्रवाल जूता कारोबारी हैं। सिकंदरा क्षेत्र में उनकी फैक्ट्री है। उन्होंने बताया कि वह ई-कामर्स कंपनियों को माल देते हैं। कंपनी ने उन पर यह कहकर जुर्माना लगाया कि घटिया माल भेजा जा रहा है। वह यह सुनकर आश्चर्यचकित हो गए और अपने स्तर से उन्होंने जांच की। पता चला कि उनकी फैक्ट्री से सही माल निकलता है। इसके बाद उन्हें डिलीवरी बॉय पर शक हुआ। उन्होंने डिलीवरी लेने आने वाले युवकों की रेकी शुरू कराई। रेकी में पता चला कि फैक्ट्री से माल निकलने के बाद दहतोरा मोड़ के पास एक गोदाम में जाता है। एक कोरियर कंपनी का गोदाम है। यहां माल बदला जाता है। उनकी फैक्ट्री से 2200 जोड़ी जूतों की डिलीवरी हुई। कोरियर कंपनी के युवकों का पीछा किया। वह उसी गोदाम पर पहुंचे। डिब्बे खोलकर माल बदल रहे थे। उन्होंने वीडियो बनवाया। पुलिस को सूचना दी। सिकंदरा पुलिस मौके पर आई। 11 युवकों को गिरफ्तार किया। सभी मिलकर लंबे समय से यह अवैध काम कर रहे थे। इससे उनकी कारोबारी साख खराब हो रही थी। सिकंदरा पुलिस 11 युवकों को थाने लेकर आई। पूछताछ हुई। एक-एक करके आठ आरोपित छोड़ दिए गए। कारोबारी ने पुलिस से पूछा कि यह क्या हो रहा है तो उसे कहा गया कि वह पुलिस को उसका काम बताएगा।
इनको भेजा जेल
सिकंदरा पुलिस ने बताया कि तीन आरोपित गिरफ्तार हैं। गोदाम से जूतों के चार हजार बैग मिले हैं। 30 लाख का माल बरामद हुआ है। पुलिस ने रितिक उपाध्याय (सिकंदरा), विशाल (ओल्ड विजय नगर) व हेमेंद्र कुमार ग्राम जामपुर (बरहन) को जेल भेजा है।











