आगरा। आगरा कमिश्नरेट के कई थानों में हो रही पुलिसिंग इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। पुलिस छेड़छाड़ के आरोपियों को छोड़ रही है। बड़े-बड़े गैंग को छोड़ रही है। जुआरियों को छोड़ रही है। चोरी के वाहन पुलिस वालों पर मिलने पर उन्हें छोड़ रही है। ताजा मामले में टप्पेबाजों को छोड़ने में शाहगंज पुलिस पुलिस कठघरे में है। दिल्ली के चार टप्पेबाजों और सोना गलाने वाले एक सराफ को छोड़ने का आरोप है। मामला संज्ञान में आने के बाद डीसीपी सिटी जांच करा रहे हैं।
डीसीपी सिटी की जानकारी में आया है कि जनकपुरी के दौरान शाहगंज थाने में एक मामला आया था। सीओडी चौराहे के पास एक दुकान है। दुकानदार को टप्पेबाज सोना बेचकर गए थे। उसने टंच चेक कराया तो कम निकला। व्यापारी को लगा उसके साथ ठगी हो गई। उसने एक चौकी प्रभारी से संपर्क किया। कहा कि उसके साथ ठगी हो गई। चौकी प्रभारी ने उससे कहा कि सोना बेचने वालों को दोबारा बुलाए। कहे कि दस लाख का माल लेकर आएं। व्यापारी ने ऐसा ही किया। चारों टप्पेबाज आ गए। पुलिस ने दबोच लिया। पूछताछ में पता चला कि उन्होंने सोना कोतवाली क्षेत्र में सुमित पर गलवाया था। पुलिस ने उसे भी उठा लिया। टप्पेबाजों की सूचना देने वाले व्यापारी को भी पुलिस थाने ले आई। उससे कहा कि उसने चोरों से सोना कैसे खरीदा। एक रात सभी आरोपित थाने में रहे। दूसरे दिन पुलिस ने सभी को छोड़ दिया। इस घटना के बारे में अधिकारियों को भी नहीं बताया। यह घटना पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बनी। मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया तो वह भी हैरान रह गए। आखिर ऐसा कैसे हो गया। डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।
न्यू आगरा थाना पुलिस ने भी नवदुर्गा के दिनों मे एक छेड़छाड़ के आरोपी को छोड़ दिया था। अधिकारियों से शिकायत के बाद जांच शुरू हुई तो मामला सही पाया गया। एएसपी हरीपर्वत आदित्य ने अपनी रिपोर्ट डीसीपी को सौंप दी है। एंटी रोमियो ने छेड़छाड़ के आरोपी को थाने में बंद किया था। पुलिस ने उसे छोड़ दिया। यह आरोपी स्कूल की छात्राओं को छेड़ता था। स्कूल स्टाफ के द्वारा एंटी रोमियो से शिकायत की गई थी।
दूसरी ओर चर्चाएं हैं कि छत्ता सर्कल के एक थाने में एक पनीर गैंग पकड़ा गया था। राजस्थान के रहने वाले लोग मथुरा से नकली पनीर आगरा में बिक्री को लाते थे। पुलिस ने रात में चेकिंग के दौरान 600 किलो पनीर पकड़ा। बिना अधिकारियों को सूचना दिए मामला रफा दफा कर दिया। गैंग को छोड़ दिया गया।
सदर सर्किल में एक थाने में एक दरोगा ने इंस्पेक्टर के साथ मिलकर सभी जुआरी छोड़ दिए। दरोगा पर कार्रवाई करने पर विभाग की बदनामी होगी, इसलिए उसका तबादला कर दिया गया। कार्रवाई नहीं की गई। इंस्पेक्टर आज भी सुरक्षित हैं।
कुछ महीने पहले छत्ता सर्किल के एक सिपाही को चोरी की मोटरसाइकिल चलाते हुए पकड़ा गया उस मामले में भी लीपापोती कर दी गई। मोटरसाइकिल अपाचे थी। यह रुनकता के रहने वाले व्यक्ति की थी। चोरी का सिकंदरा में मुकदमा दर्ज हुआ था। थाना प्ररभारी का कारखास इसे चला रहा था। अधिकारियों ने एक आईपीएस को जांच के लिए भेजा। मोटरसाइकिल चोरी की निकलने के बाद अधिकारियों ने उसे जब्त कर लिया क्योंकि इसे कारखास चला रहा था। इसलिए थाना प्रभारी ने उसे बचा लिया।
कोतवाल साहब को दूसरे थाने का मुंशी पसंद
छत्ता सर्किल के एक थाने में एक इंस्पेक्टर को दूसरे थाने का मुंशी पसंद है। इंस्पेक्टर इस मुंशी को बुलाकर बड़े-बड़े काम निपटाते हैं। मामले में दो बार शिकायत भी हो चुकी है। मुंशी को वापस उसी की तैनाती वाले थाने में भेज दिया गया था। मुंशी अब तीसरी बार थाने में काम करने आ गया है। यह मामला भी अधिकारियों तक पहुंचा है। इंस्पेक्टर की पकड़ मजबूत है। यह बात भी पुलिसकर्मियों के बीच में चर्चाओं का विषय बनी हुई है।











