आगरा। स्टॉक ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर जाल में फंसाने वाले दो लोगों को साइबर थाना पुलिस ने पकड़ा है। पुलिस ने 40 खाते फ्रीज कराए हैं। इनमें छह करोड़ से अधिक की रकम है।
बता दें कि स्टॉक ट्रेडिंग मोटे मुनाफे का झांसा देकर विंग कमांडर के साथ 1.99 करोड़ की ठगी हुई थी। डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने बताया कि विंग कमांडर जार्ज जोसेफ के साथ घटना हुई थी। उनकी तहरीर पर धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा लिखा गया। एसीपी हरीपर्वत आदित्य के निर्देशन में साइबर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पता चला कि आरोपित सोशल मीडिया पर लोगों को जाल में फंसाते हैं। फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर लोगों से जुड़ते हैं। खुद को शेयर ट्रेडिंग का गुरु बताकर लोगों को सलाह देते हैं। उनका भरोसा जीतते हैं। ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कराने का झांसा देकर। रकम विभिन्न खातों में ट्रांसफर कराते हैं। बैंकों में फर्जी कंपनी दर्शाकर चालू खाते खुलवाए जाते थे। ताकि मोटे लेन-देन पर बैंक वाले शक नहीं करें। खातों में आने वाली कुछ रकम निकाल ली जाती थी कुछ दूसरे खातों में घुमा दी जाती थी। पुलिस को शक है कि गैंग के कुछ सदस्य विदेश में भी रहते हैं। वहां से ऑन लाइन खातों को ऑपरेट किया करते थे। हालांकि इस संबंध में अभी विस्तृत जांच जारी है।
एसीपी हरीपर्वत आदित्य ने बताया कि पुलिस ने जो आरोपित पकड़े उनसे पूछताछ के बाद कई और लोगों के नाम पता चले। ये आरोपित अलग-अलग प्रदेशों के निवासी हैं। उनकी तलाश शुरू कर दी गई है।
साइबर थाना पुलिस ने संजय गांधी नगर, नौबस्ता (कानपुर नगर) निवासी अभिषेक मिश्रा व गोपालनगर कालोनी (कानपुर नगर) निवासी विकास त्रिवेदी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि अभिषेक गैंग के लिए बिना सत्यापन आईडी पर चालू बैंक खाते खुलवाने में मदद किया करता था। खातों में आने वाली रकम के हिसाब से उसे कमीशन मिला करता था। अभिषेक एमबीए की पढ़ाई भी कर रहा है। इंडसइंड बैंक में काम करता है। विकास इंटरमीडिएट पास है। उसका काम लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनकी आईडी पर फर्जी फर्म के कागज तैयार कराना और खाते खुलवाना था।











