आगरा। आगरा में इन दोनों अपराध की आंधी आई हुई है। बदमाश बड़ी आसानी से चोरी, लूट और डकैती की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। बदमाशों के अंदर पुलिस का बिल्कुल खौफ नहीं रहा है। खंदौली में छह बदमाशों ने ठेकेदार के मकान पर धाबा बोलकर तमंचा तानकर परिवार को बंधक बनाकर मारपीट करते हुए डकैती डाली है। वह लाखों रुपए की नगदी और आभूषण लूट कर ले गए हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
उजरई जाट के रहने वाले दिनेश बिल्डिंग बनाने का काम और ठेकेदारी करते हैं। दिनेश ने गांव से बाहर त्रिलोकी धाम कॉलोनी में एक मकान ले रखा है। इसमें वह अपनी पत्नी मंजू और बच्चों के साथ रहते हैं। दिनेश ने बताया रात में करीब 12:00 बजे 6 बदमाश घर के पीछे की दीवार पर सीढ़ी रखकर मकान पर चढ़ गए। इसके बाद कमरे का ताला तोड़कर कमरे में अंदर आ गए। आते ही उन्होंने मारपीट शुरू कर दी। धमकी दी कि शोर मचाया तो सभी को गोली मार देंगे। तमंचा और चाकू निकालकर सीने पर रखकर अलमारी की चाबी के बारे में पूछा। इसके बाद चाबी ले ली। इसके बाद परिवार के सभी सदस्यों को मारपीट करते हुए कोने में बैठा दिया। बदमाशों ने कमरे में रखी अलमारी का लॉक खोलकर अलमारी में रखी दो लाख की नगदी, आभूषण और प्लाट के कागज निकाल अपने साथ ले गए। बदमाशों के जाने के बाद दिनेश ने कंट्रोल रूम में सूचना दी। डकैती की सूचना मिलने के बाद भी पुलिस काफी देर बाद मौके पर पहुंची। दिनेश की पत्नी मंजू जो कान में कुंडल पहने हुई थी। वह भी बदमाशों ने लूट लिए।

डकैती की घटना से के क्षेत्र में लोगों के बीच में दहशत है। लोगों कहना है कि पुलिस का ध्यान सिर्फ वसूली पर रह गया है। अपराधियों पर नहीं।

पुलिस हुई निरंकुश
पिछले दिनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनसे पुलिस विभाग की किरकिरी हुई है। फिर भी पुलिस कर्मियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे पुलिस निरंकुश हुई है। उसका पुलिसिंग बदमाशों और गस्त पर कोई ध्यान नहीं है। इस वजह से वारदातों का ग्राफ और भी ज्यादा बढ़ रहा है।
सिकंदरा पुलिस पर 50 करोड़ की जमीन पर कब्जा कराने के आरोप लगे हैं। पुलिस पीड़ित को ही पांच घंटे तक थाने में बैठाए रही और उधर कब्जा होता रहा। मामले में पुलिसकर्मियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। ट्रांसमुना थाना क्षेत्र में एक अपराधी ने एक मकान पर कब्जा कर लिया है। पीड़ित ने उस अपराधी की अधिकारियों से शिकायत की तो थाना पुलिस ने पीड़ित का ही शांति भंग में चालान कर दिया है। पीड़ित ने आरोप लगाए हैं कि अपराधी से थाना पुलिस की सांठगांठ है। सदर थाना क्षेत्र में पुलिस ने 15 जुआरी मौके से छोड़ दिए थे। जांच में सिद्ध होने के बाद भी कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई। सिर्फ दरोगा का तबादला कर दिया गया। न्यू आगरा थाना क्षेत्र में नवदुर्गा में छेड़छाड़ के एक आरोपी को एंटी रोमियो ने पकड़कर थाना पुलिस के सुपुर्द किया था। बाद में यह छोड़ दिया गया। जांच हुई तो आरोपी को छोड़ा जाना पाया गया। इतने गंभीर मामले में भी अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। बड़े अधिकारियों के स्तर से कोई भी कार्रवाई नहीं होने से थाना पुलिस निरंकुश है उसकी वसूली के अलावा कहीं और ध्यान नहीं है। इसका फायदा बदमाश उठा रहे हैं।











