आगरा। आगरा कमिश्नरेट में तैनात एक इंस्पेक्टर की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर साइबर ठगों ने यह डाल दिया कि मेरा ट्रांसफर हो गया है। मैं अपना घरेलू सामान बेच रहा हूं। सामान का फोटो भी शेयर कर दिया। सस्ता सामान मिलने पर लोगों की सामान लेने की होड़ लग गई। इतने में इंस्पेक्टर को किसी से जानकारी मिल गई और उन्होंने अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर यह मैसेज डाला कि सामान बेचने के नाम पर कोई पैसे मांग रहा है तो नहीं दें।
अनूप कुमार तिवारी वीआईपी सेल में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। गुरुवार को साइबर ठगों ने उनके फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर यह डाल दिया की ट्रांसफर हो गया है अपना सामान बेच रहा हूं। सामान में टीवी, वाशिंग मशीन, बेड आदि था। सस्ता सामान मिलता हुआ देखकर लोगों ने खरीदने के लिए तय करना शुरू कर दिया। इतने में किसी पुलिसकर्मी ने अनूप कुमार तिवारी को फोन कर कहा कि पांच हजार में पूरा माल मैं ही ले लूंगा। दूसरे को क्यों बेच रहे हो। इंस्पेक्टर अनूप कुमार तिवारी ने कहा कि भैया मैं तो आगरा में ही तैनात हूं। मेरा ट्रांसफर कब हो गया। इसके बाद फोन करने वाले ने बताया कि आपके अकाउंट पर डाला हुआ है। वह समझ गए किसी ने फर्जी अकाउंट बनाकर ठगी करने की कोशिश की है। इसके बाद उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर लिखा यदि मेरी आईडी से कोई सामान बेचने या खरीदने के लिए कह रहा है तो मना कर दें। यह कोई फ्रॉड व्यक्ति है। मेरा कोई ट्रांसफर नही हुआ है और न ही मैं कोई सामान बेच रहा हूं और यदि कोई पैसे मांगे तो मना कर दें।












