आगरा। डेटिंग ऐप के जरिए लोगों को होटल बुलाकर बंधक बनाने और ऑनलाइन पैसे वसूलने वाले गैंग का ताजगंज पुलिस ने खुलासा किया है।
पुलिस के मुताबिक यह गैंग पहले सोशल और डेटिंग ऐप पर लोगों से दोस्ती करता था। बातचीत बढ़ने के बाद आरोपी पीड़ितों को मिलने के बहाने होटल बुलाते थे। जैसे ही व्यक्ति होटल के कमरे में पहुंचता, वहां पहले से मौजूद गैंग के सदस्य उसे घेर लेते थे। इसके बाद शुरू होता था धमकी, डराने और मारपीट का सिलसिला। एडिशनल डीसीपी हिमांशु गौरव ने बताया कि आरोपी पीड़ितों को जान से मारने की धमकी देते थे और मानसिक दबाव बनाकर उनसे ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कराते थे। गैंग क्यूआर कोड स्कैन कराकर रकम वसूलता था ताकि तुरंत पैसा उनके खातों में पहुंच जाए। जांच में सामने आया है कि एक पीड़ित से 14 हजार रुपये और दूसरे से करीब 4900 रुपये की वसूली की गई थी। कई बार पीड़ित बदनामी के डर से पुलिस तक पहुंचते ही नहीं थे, जिसका फायदा यह गैंग उठा रहा था। मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित ने 21 मई को ताजगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और विशेष टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने होटल के पास दबिश देकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे डेटिंग ऐप के जरिए लोगों को फंसाकर इस तरह की वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस अब इनके नेटवर्क और पुराने मामलों की जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि गैंग ने कई अन्य लोगों को भी इसी तरीके से शिकार बनाया हो सकता है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोमेश्वर, तरुण निवासी मुरली नगर ताजगंज, साकिब निवासी मलको गली ताजगंज और शकील निवासी ग्राम भांबेवा, जींद हरियाणा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है और उनके पुराने रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।











