आगरा। जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले नौ जिलों के 10 थाना प्रभारी को डीजीपी ने सस्पेंड किया है। इनमें आगरा के लोहामंडी थाने के इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह भी शामिल हैं। उनके खिलाफ कोर्ट के आदेश पर खेरागढ़ थाने में मुकदमा भी दर्ज हुआ था।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने सोमवार को समीक्षा बैठक में सितंबर में अगस्त की तुलना में जनशिकायतों में अत्यधिक वृद्धि वाले जिलों की स्थिति की समीक्षा की। इसके बाद संबंधित थानेदारों को निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि फरियादियों के साथ अभद्रता, टालमटोल या पक्षपात की शिकायत मिलने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए। डीजीपी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ जनशिकायतों के निस्तारण पर निर्देश दिया है। प्रत्येक थाने में 10 प्रमुख भूमि विवाद चिह्नित कर उनके निस्तारण की निगरानी की जाएगी। संबंधित एसीपी या क्षेत्राधिकारी राजस्व अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। डीजीपी ने जिन थाना प्रभारी पर कार्रवाई की है उसमें इंस्पेक्टर लोहा मंडी इंद्रजीत सिंह के अलावा लखीमपुर खीरी के मैलानी और फरधान थानों के प्रभारी, उन्नाव के सोहरामऊ, एटा के जसरथपुर, प्रतापगढ़ के महेशगंज, बदायूं के उसावा, बिजनौर के चांदपुर और मथुरा के जैत थाने के प्रभारी, लखनऊ के बाबू बनारसीदास (बीबीडी) थाने के प्रभारी शामिल हैं।









