आगरा। 11 मई को पेपर लीक होने से पहले 9 और 10 मई को भी पेपर लीक हुआ था। इस बात की सूचना प्राचार्य आगरा कॉलेज और आगरा कॉलेज के एक प्रोफेसर के द्वारा परीक्षा नियंत्रक को दी गई थी, लेकिन उन्होंने कोई कार्यवाही नहीं की। ऐसा प्राचार्य आगरा कॉलेज का कहना है।
बता दें कि 11 मई को आगरा कॉलेज के कई छात्रों के मोबाइल पर जूलॉजी और गणित का पेपर पहुंच गया था। सूचना मिलने पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने छात्रों को पकड़ लिया था और पुलिस के हवाले कर दिया था। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
इधर आगरा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनुराग शुक्ला का कहना है कि 10 मई को भी पेपर लीक होने की उन्हें सूचना मिली थी। छात्रों के मोबाइल पर पेपर शुरू होने से पहले ही पेपर पहुंच गया था। यह देखने के बाद 2 बजकर 50 मिनिट पर उन्होंने परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव को फोन कर इस बात से अवगत करा दिया था, लेकिन उन्होंने कोई कार्यवाही नहीं की। वही उनका यह भी कहना है कि 9 मई को भी छात्रों के मोबाइल पर समय से पहले पेपर आने पर बॉटनी के एक प्रोफेसर ने परीक्षा नियंत्रक को सूचना दी थी लेकिन फिर भी उन्होंने कोई कार्यवाही नहीं की। पूरे मामले की रिपोर्ट वे कमिश्नर को भी दे रहे हैं।
इधर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से भी मामले की जांच करने के लिए एक कमेटी बनाई गई है, लेकिन वह क्या कार्यवाही कर रही है इसकी किसी को जानकारी नहीं है।
पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है। इंस्पेक्टर लोहामंडी देवेंद्र शंकर पांडे का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है, जो भी दोषी हैं उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
आगरा कॉलेज के प्राचार्य और एक प्रोफेसर के द्वारा 2 दिन से पेपर लीक की सूचना दी जा रही थी, इस बात पर प्रति कुलपति प्रोफेसर अजय तनेजा का कहना है कि अगर ऐसा है तो मामले की जांच कराई जाएगी।











