आगरा। लोहामंडी में असली पुलिस की जगह नकली पुलिस चेकिंग कर रही थी। चेकिंग भी थाने के पास की जा रही थी और असली पुलिस को पता ही नहीं था। नकली पुलिस ने धर्मशाला में गमी में से बाहर निकल रहे एक व्यक्ति से तीन लाख रुपये के जेवरात ठग लिए। हैरानी की बात तो यह है कि सीसीटीवी फुटेज में आने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किया जा रहा है। सवाल यह भी खड़े हो रहे हैं कि पास में ही थाना था और तमाम पुलिसकर्मी उसमें मौजूद थे फिर भी आरोपियों को डर नहीं लगा।
आवास विकास कालोनी सेक्टर छह निवासी अरुण कुमार जैन 14 जुलाई की शाम लोहामंडी-पचकुइयां मार्ग स्थित अग्रसेन भवन लोहामंडी एक उठावनी में शामिल होने गए थे। अरुण कुमार जैन ने बताया कि वह पैदल अग्रसेन भवन से लोहामंडी थाने की तरफ जा रहे थे। उनकी शुगर लो हो रही थी। कुछ मीठा खाना था। रास्ते में एक युवक ने उन्हें रोक लिया। बोला कि दरोगा जी आवाज दे रहे हैं। अरुण वहां पहुंच गए युवक ने आई कार्ड दिखाते हुए खुद को दरोगा बताया। कहा यहां रोजाना घटनाएं हो रही हैं। आप अंगूठियां और चेन पहनकर चल रहे हैं। उन्हें उतारकर जेब में रखिए। कोई घटना हो गई तो यह बोलेंगे कि पुलिस काम नहीं करती। अरुण जैन ने बताया कि वह घबरा गए। जैसा कथित पुलिस कर्मी ने उनसे कहा वैसा ही किया। शातिरों के कहने पर अपनी पांच अंगूठी और एक चेन उतारकर रुमाल में रख ली। एक शातिर ने रुमाल उनसे ले लिया। कहा कि पहले जेवरात पुड़िया में रखें। उसे रुमाल में बांधें। शातिर ने पुड़िया में बांधते समय जेवरात गायब कर दिए। उसमें मिट्टी रख दी। पीड़ित ने बताया कि 15 जुलाई को थाने में तहरीर दी है लेकिन अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है।










