आगरा। सहकारी समितियों में घोटाला करने वालों पर कार्रवाई को लेकर विकास भवन पर किसानों का 31 दिन से धरना चल रहा है। किसान नेता श्याम सिंह चाहर की छठवीं बार तबीयत खराब हुई है, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनका अभी तक 16 किलो वजन कम हो चुका है। अब हालत धीरे-धीरे गंभीर होती जा रही है। गुरुवार को अधिकारियों ने यह भी कहा था कि जांच पूरी कर ली गई है। पांच लोगों को दोषी माना है। इस पर श्याम सिंह चाहर ने कहा था कि जब तक कार्रवाई नहीं हो जाएगी अनशन जारी रहेगा।
सहकारी समितियां में हुए घोटाले को लेकर किसान काफी आक्रोशित हैं। किसानों का आरोप है कि सहकारिता विभाग में जिले के 21 सहकारी समिति के गोदाम के निर्माण में 4.12 करोड रुपए का घोटाला हुआ है। 31 दिनों से उनका आंदोलन जारी है, लेकिन अधिकारी सुध नहीं ले रहे हैं। किसान नेता श्याम सिंह चाहर को जिला प्रशासन ने 6 वीं बार जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। किसान मजदूर नेता दिलीप सिंह मुख्य विकास अधिकारी के कार्यालय पर किसानों के धरने का मोर्चा संभाल हुए हैं। कांग्रेस नेता रामनाथ सिकरवार, शहर अध्यक्ष अमित सिंह व हेमंत चाहर सहित कई लोग शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती किसान नेता श्याम सिंह चाहर से मिले और प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम देकर कहा कि अगर आरोपियों पर दो दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस सड़क पर उतर जाएगी। वही किसान नेता चौधरी भूरी सिंह ने दर्जन भर साथियों के साथ धरना स्थल विकास भवन पहुंच कर धरनारत किसानों की मांगों का समर्थन किया और प्रशासन को चेताया कि किसानों के धैर्य की परीक्षा लेना बंद कर दें। धरने में मुख्य रूप से दाता राम लोधी, रामेश्वर तोमर, रामू चौधरी, नागेंद्र फ़ौजी, प्रदीप फौजदार, विशम्बर सिंह, विनोद फौजदार, लाखन सिंह, महेश फौजदार, दीपू चाहर, भरत कुशवाह, पप्पू आदि मौजूद है।











