आगरा। मंगलवार तड़के यमुना एक्सप्रेसवे पर घना कोहरा होने के कारण सात बसें और दो कारें आपस में टकरा गईं। हादसे के दौरान वाहनों में भीषण आग लग गई। अब तक चार लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई है। 40 से अधिक घायल हैं।
घटना बलदेव थाना क्षेत्र के गांव खड़ेहरा के निकट माइल स्टोन संख्या 125 पर हुई है। यहां घना कोहरा होने के कारण रात में दृश्यता शून्य थी। इससे आगे-पीछे चल रहे वाहनों के चालक एक-दूसरे को देख नहीं सके और वाहन आपस में टकरा गए। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहनों में आग लग गई। सातों बसें और दो कार भीषण आग की चपेट में आ गईं।

आग लगते ही बसों में चीख-पुकार मच गई। खिड़कियों से यात्रियों ने किसी तरह कूदकर जान बचाई जबकि कुछ अंदर ही फंसे रह गए। बसें और कारें टक्कर लगने से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

सूचना पर पहुंची करीब एक दर्जन दमकलों से आग पर काबू पाया गया। हादसे के बाद आगरा से नोएडा जाने वाली एक्सप्रेसवे की लेन पर आवागमन पूरी तरफ ठप हो गया। मौके पर जिलाधिकारी और एसएसपी मौजूद हैं। जिन दो मृतकों की पहचान हुई है, उनमें आजिलेंद्र प्रताप यादव पुत्र वंशीधर, निवासी मुद्दीनपुर, थाना सराय ममरेज, जिला प्रयागराज, रामपाल पुत्र पहोड़ीराम, निवासी आजमगढ़ शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने मथुरा सड़क हादसे का संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। साथ ही घायलों के समुचित और बेहतर इलाज के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि सभी घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है और प्रशासन की ओर से हर जरूरी मदद उपलब्ध कराई जा रही है।











