आगरा। सोमवार को आगरा में तीन दिन के लिए आईं राज्यपाल आनंदीवेन पटेल ने खंदारी परिसर के सभा कक्ष में मंडल के दिव्यांग विद्यार्थियों को शिक्षा व स्किल डेवलपमेंट, रोजगार के लिये किए जा रहे प्रयास के संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने बेसिक तथा माध्यमिक शिक्षा में ड्रॉप आउट रोकने को कार्य योजना की भी समीक्षा की और दिशा निर्देश दिए।
राज्यपाल ने मंडल के कक्षा 9 व 12वीं में ड्रॉप आउट करने वाले बच्चों की संख्या के बारे में जानकारी ली। बच्चों का ड्रॉप आउट न हो उसके लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं। इस बारे में भी पूछा। उन्हें बताया गया कि मण्डल में दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को 107 विशेष शिक्षक कार्यरत हैं जो निरन्तर शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्हें बताया गया कि मण्डल में दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को प्रत्येक विद्यालय में कार्यरत शिक्षक में से एक शिक्षक को नोडल शिक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है जो दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों से सम्पर्क कर दिव्यांग बच्चों को विद्यालय में नियमित रूप से लाने का प्रयास करते हैं।
राज्यपाल ने दिव्यांग बच्चों को 10वीं व 12वीं कक्षा की पढ़ाई के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट, रोजगार को ब्रिज कोर्स कराए जाने तथा जिलाधिकारी द्वारा ऐसे बच्चों की शिक्षा की प्रभावी मॉनिटरिंग व्यवस्था बनाए जाने हेतु निर्देशित किया। राज्यपाल ने दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को मंडल में शिक्षकों की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली व पर्याप्त शिक्षक न होने पर आगामी सत्र में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की कार्य योजना शासन को प्रेषित करने, अधिकारियों को दिव्यांग बच्चों के बीच जाकर उन्हें प्रेरित करने, मंडल में 400 दिव्यांग बच्चों को चिह्नित कर उनकी उच्च शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, रोजगार परक प्रशिक्षण व उनके समग्र विकास को सीएसआर तथा अन्य माध्यमों से संसाधन उपलब्ध कराए जाने को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चे भी प्रतिभाशाली होते हैं। हम सभी उन्हें आगे बढ़ाने, उन्नति व विकास में सहयोग करें।











