वाराणसी। वाराणसी के ज्ञानवापी केस की सर्वे रिपोर्ट के फोटो-वीडियो लीक हो गए हैं। मंगलवार को हिंदू पक्ष जिला जज की कोर्ट पहुंचा। सील बंद चारों लिफाफे वापस करके फोटो-वीडियो लीक होने की जांच की मांग की। हालांकि, कोर्ट ने लिफाफा वापस नहीं लिया और जांच कराने के लिए कहा है। अगली सुनवाई की डेट चार जुलाई दी है।
मां शृंगार गौरी प्रकरण की वादी पक्ष की चार महिलाओं ने बताया कि कोर्ट ने उनसे कहा है कि आप लोग ज्ञानवापी सर्वे से संबंधित फोटो-वीडियो के अपने-अपने लिफाफे सुरक्षित रखें। वादी महिलाओं ने कहा कि ठीक है, कोई बात नहीं है। बाबा का सच सबके सामने आ गया है ना…! हम लोग बाबा आदि विश्वेश्वर और मां शृंगार गौरी के भक्त हैं। हम नियम-कानून की पेचीदगी को बहुत नहीं समझते हैं। हमें तो बस इतना ही चाहिए कि हम अपनी मां शृंगार गौरी और अपने स्वयंभू आदि विश्वेश्वर की नियमित पूजा-अर्चना कर सकें। इससे ज्यादा हमें कुछ भी नहीं चाहिए। जो जगह बाबा और मां की है, वह उन्हें मिलनी ही चाहिए।
मुस्लिम पक्ष का कहना है कि वीडियो-फोटो किसे मिला है यह सभी जानते हैं। ऐसे में वह भी कोर्ट में अपनी आपत्ति दाखिल करेंगे। वे मांग करेंगे कि जिस किसी की वजह से भी ज्ञानवापी परिसर के फोटो-वीडियो लीक हुए हैं, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। मां शृंगार गौरी की वादिनी महिलाएं अपने अधिवक्ताओं के साथ जिला कोर्ट पहुंचीं। चारों महिलाएं ज्ञानवापी परिसर की सील बंद फोटो-वीडियो की रिपोर्ट वापस करने गई थीं। मां शृंगार गौरी की वादिनी महिलाएं अपने अधिवक्ताओं के साथ जिला कोर्ट पहुंचीं। चारों महिलाएं ज्ञानवापी परिसर की सील बंद फोटो-वीडियो की रिपोर्ट वापस करने गई थीं। ज्ञानवापी को मां शृंगार गौरी बताकर मुकदमा करने वाली सीता साहू, मंजू व्यास, रेखा पाठक और लक्ष्मी देवी को ज्ञानवापी परिसर के सर्वे से संबंधित फोटो-वीडियो की सीडी सोमवार शाम कोर्ट से सील बंद लिफाफे में मिली थी।










