चंडीगढ़। हरियाणा कांग्रेस के नेताओं ने नई दिल्ली में राहुल गांधी और अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी प्रतिनिधियों के साथ बंद कमरे में मुलाकात की। इस दौरान हरियाणा कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। यह बैठक लोकसभा और विधानसभा चुनाव से पहले हरियाणा कांग्रेस को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई थी।
यह बैठक हरियाणा कांग्रेस कमिटी के नेतृत्व को लेकर जारी गुटबाजी के बीच हुई। वर्तमान में हरियाणा कांग्रेस कमिटी का अध्यक्ष पद कुमारी शैलजा के पास है। पूर्व सीएम और कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं के समूह जी 23 में शामिल भूपिंदर हुड्डा के साथ उनके संबंध ठीक नहीं हैं। बैठक में दोनों के बीच मतभेद खुलकर सामने आए। गौरतलब है कि गुटबाजी, अंदरूनी कलह, जाति और हाई कमान के पार्टी मामलों को ठीक तरह से न हैंडल कर पाने का खामियाजा पंजाब चुनाव में बुरी हार के रूप में भुगतना पड़ा था। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने हरियाणा कांग्रेस के नेताओं को 2024 चुनाव से पहले जमीन पर उतरने की जरूरत पर जोर दिया।
राहुल गांधी ने पार्टी इकाई के नेताओं से अपने विचार रखने को कहा, जिसके बाद आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई। शैलजा ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि हुड्डा कैंप से उन्हें कोई सहयोग नहीं मिला। उन्होंने कहा कि एआईसीसी प्रतिनिधियों से बार-बार गुहार लगाने पर भी उन्हें पीसीसी संगठनात्मक टीम और जिला-ब्लॉक लेवल कमिटी के संबंध में सहयोग नहीं मिला। ऐसे में उन्हें तीन या चार पदाधिकारियों की टीम के साथ ही 2019 के चुनाव में संघर्ष करना पड़ा। राहुल गांधी के सामने कुमारी शैलजा भूपिंदर हुड्डा पर खूब बरसीं। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं ने बीजेपी के खिलाफ कांग्रेस को मजबूत बनाने मे कभी सहयोग नहीं किया।
दूसरी ओर भूपिंदर हुड्डा ने सभी आरोपों का खंडन किया और अपनी बात रखते हुए कहा कि हरियाणा में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की तत्काल जरूरत है। उन्होंने कहा कि वह पीएम और सीएम समेत बीजेपी नेताओं से लड़ने में किसी से कम नहीं है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, उनके बेटे दीपेंद्र हुड्डा ने चुनाव से पहले सही नैरेटिव सेट करने की जरूरत पर जोर दिया और स्पष्ट रूप से हरियाणा कांग्रेस के जाट नेतृत्व की वकालत की।











