आगरा। कमला नगर क्षेत्र की रहने वाली एक महिला के गायब पर पति और भाई ने कुछ लोगों पर अपहरण कर हत्या का शक जताया था, लेकिन पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की थी। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ तब हत्या का खुलासा हुआ। पुलिस ने एक हत्यारे को जेल भेज दिया था। मृतक के साले का आरोप है कि अन्य लोगों को जेल भिजवाने के लिए जीजा रोजाना थाने के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन उनकी कोई भी सुनवाई नहीं हो रही थी। साले का आरोप है कि पुलिस के सुनवाई नहीं करने और न्याय नहीं मिलने पर जीजा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। मृतक के साले के द्वारा चीख-चीखकर पुलिस को कठघरे में खड़ा किया जा रहा है।
बता दें कि चार फरवरी को कमला नगर की रहने वाली पिंकी उर्फ प्रेमलता गायब हो गई थी। पति मनीष ने पांच फरवरी को थाने में शिकायत की। पुलिस ने मामले में सिर्फ गुमशुदगी दर्ज की। इधर पति का बार-बार कहना था कि शेर सिंह अपने कुछ साथियों के साथ नशीला पदार्थ पिलाकर उसे बहला फुसला कर ले गया है। पति ने यह भी आशंका जाहिर की कि पिंकी की हत्या कर दी गई है। लेकिन थाना पुलिस ने कोई भी सुनवाई नहीं की। पति और भाई पुलिस अधिकारियों के पास भी चक्कर काटते रहे लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 14 अप्रैल को उन्होंने अधिकारियों को पत्र लिखा लेकिन उस पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद पति मनीष ने न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र डाला। न्यायालय के आदेश पर 10 मई को अपहरण की धारा में शेर सिंह सहित कई लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने जब जांच शुरू की तो सामने आया कि शेर सिंह ने ही पिंकी की हत्या कर उसका शव यमुना किनारे दफना दिया है। इसके बाद पानीपत में पति और भाई की मदद से फैक्ट्री मालिक ने शेर सिंह की गिरफ्तारी कराई। वहां से पुलिस उसे ले आई और जेल भेजा था। मृतका के भाई अतुल का आरोप था पुलिस ने दबिश के नाम पर एक लाख रुपये भी लिए थे। इधर पुलिस ने एक हत्यारोपी को तो जेल भेज दिया था लेकिन अन्य को जेल नहीं भेज रही थी। 16 जुलाई से उसके जीजा मनीष रोजाना थाने के चक्कर लगा रहे थे। पुलिस कोई भी सुनवाई नहीं कर रही थी। इससे परेशान होकर उन्होंने आज दोपहर करीब एक बजे बरामदे में लगे पंखे के कुंदे से लटक कर आत्महत्या कर ली। घरवालों की नजर पड़ी तो उनके होश उड़ गए। रस्सी काटी। उन्हें नीचे उतारा। एसएन मेडिकल कॉलेज लेकर भागे। डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत की खबर कमला नगर थाना पुलिस को भी दी गई। थाना प्रभारी कमला नगर विपिन गौतम का कहना है कि पत्नी की हत्या के बाद से मनीष परेशान थे। काफी तनाव में चल रहा था। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
मनीष कुमार के साले अतुल कुमार का कहना है कि कमला नगर थाने में पीड़ितों का ही उत्पीड़न होता है। पुलिस सुनवाई नहीं करती। उसकी बहन पिंकी उर्फ प्रेमलता चार फरवरी को लापता हुई थी। वे लोग थाने के चक्कर काट-काटकर थक गए। पहले दिन से बोल रहे थे कि शेर सिंह पर शक है। वह पिंकी की हत्या कर देगा। पुलिस ने नहीं सुनी। बहनोई मनीष कुमार, भांजी 20 वर्षीय सृष्टि, भांजा रितिक अधिकारियों के चक्कर काटते थे। बमुश्किल पुलिस ने अपहरण के मुकदमे में जांच शुरू की थी। दबिश और तलाश के नाम पर उनसे खर्चा लिया गया। उन्होंने पुलिस दबिश का पूरा खर्चा उठाया।
हत्या का खुलासा अधूरा था
अतुल कुमार ने बताया कि जीजा मनीष कुमार हत्याकांड के खुलासे से संतुष्ट नहीं थे। पुलिस को हत्यारोपी ने जो कहानी सुनाई पुलिस ने उसे सच मान लिया। बताया कि शेर सिंह ने अकेले मारा था। शव को साइकिल पर रखकर ले गया था। जबकि उन्हें यकीन है कि हत्याकांड में और भी लोग शामिल थे। साक्ष्य नष्ट करने और शेर सिंह को संरक्षण देने में उन लोगों ने मदद की थी। जीजा मनीष कुमार लगातार कमला नगर थाने के चक्कर काट रहे थे। पुलिस से कह रहे थे कि पिंकी की हत्या की निष्पक्ष जांच करें। अन्य आरोपियों को भी पकड़ें। पुलिस ने नहीं सुनी। इस वजह से उन्होंने जान दी है।











