आगरा। एक थाने के थाना प्रभारी ने एक महिला दरोगा का जीना दुश्वार कर दिया है। महिला दरोगा का इस तरीके से मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है कि उसका रो-रोकर बुरा हाल है। महिला दरोगा की गलती सिर्फ इतनी है कि उसने प्रभारी द्वारा किए जा रहे गलत व्यवहार के खिलाफ शिकायत की थी। थाना प्रभारी ने महिला दरोगा को ऐलान दिया है वह उसे नौकरी नहीं करने देगा। मंगलवार को महिला दरोगा डीसीपी सिटी के समक्ष पेश हुई। अपनी पीड़ा बताई। आरोप लगाया कि थाना प्रभारी लगातार उसका मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं।
बता दें कि थाना प्रभारी को अभी हाल ही में थाने की जिम्मेदारी मिली है। वह पूर्व में एक बार सस्पेंड और दो बार लाइन हाजिर हो चुके हैं। थाने में चार्ज लेने के बाद उनका घमंड सातवें आसमान पर बताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि थाने में तैनात महिला दरोगा को शुरुआती कुछ दिन प्रभारी ने बड़ी तवज्जो दी लेकिन एक दिन महिला दरोगा ने प्रभारी के गलत आचरण को देखकर लताड़ लगा दी। इसके बाद थाना प्रभारी महिला दरोगा का लगातार मानसिक उत्पीड़न कर रहा है। उसके सामने दूसरों को उसके ऊपर रखकर गालियां देता है। महिला दरोगा उनके व्यवहार से क्षुब्ध है। महिला दरोगा का आरोप है कि अपनी पूरी नौकरी में उसने ऐसा व्यवहार किसी दूसरे थाना प्रभारी का नहीं देखा है। मानसिक उत्पीड़न से परेशान महिला दरोगा नौ जुलाई को एसीपी के समक्ष पेश हुई थी। थाना प्रभारी पर मानसिक उत्पीड़न और अभद्र भाषा में बातचीत करने के आरोप लगाए थे। पुलिस सूत्रों का कहना है कि थाना प्रभारी के आका का कमिश्नरेट में बोलबाला है। इसलिए उस पर कार्रवाई करने की जगह लीपापोती कर दी गई। इसके बाद उनके हौसले और बढ़ गए। आरोप है कि शिकायत पर सुनवाई न होने से थाना प्रभारी ने और खुन्नस निकालना शुरू कर दिया। सोमवार दोपहर तीन बजे से मंगलवार की सुबह तीन बजे महिला दरोगा की एक धार्मिक आयोजन में ड्यूटी थी। वह ड्यूटी करने गई। मंगलवार की सुबह चार बजे उसकी वापसी हुई। मंगलवार की सुबह आठ बजे एक दूसरे थाना क्षेत्र में कलश यात्रा निकलनी थी। एसीपी ऑफिस से ड्यूटी के लिए लिखित आदेश आया था। थाने से दो उप निरीक्षक, चार आरक्षी और दो महिला आरक्षी की ड्यूटी लगाई गई थी। लिखित आदेश में महिला दरोगा के कॉलम में शून्य लिखा था। आरोप है कि थाना प्रभारी ने जानबूझकर पुरुष की जगह महिला दरोगा की कलश यात्रा में ड्यूटी लगाई। ताकि ड्यूटी करने से मना करे तो उसके खिलाफ अनुशासनहीनता की रिपोर्ट दी जा सके। मंगलवार दोपहर में महिला दरोगा डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय के समक्ष पेश हुई। अपनी पीड़ा बताई। महिला दरोगा बोली साहब मुझे उस नर्क से निकाल दो। चर्चाएं हैं अधिकारियों द्वारा महिला दरोगा का दूसरे थाने में तबादला किया जा सकता है।











