आगरा। शनिवार को मुख्य सचिव ताज नगरी में औचक निरीक्षण पर आए। मुख्य सचिव ने मेट्रो की प्रगति का निरीक्षण किया। इसके साथ ही कई कार्यक्रमों में वह शामिल हुए।
मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा तीन दिवसीय इंडियन इंडस्ट्री एंड ट्रेड कॉन्क्लेव के मुख्य अतिथि के रूप में होटल जेपी पैलेस पहुंचे। कॉन्क्लेव के उदघाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि इस कॉन्क्लेव में देश, प्रदेश के साथ ब्रज क्षेत्र के बारे में चिंतन होगा, बातें होगी और बातों से ही रास्ता निकलेगा। कॉन्क्लेव की थीम “पुरातन, वर्तमान व भविष्य पर चिंतन” विषय बोलते हुए मुख्य सचिव ने बताया कि भारत का अतीत, उसका पुरातन भव्य, गौरवशाली रहा है। हम विश्व की 25 प्रतिशत जीडीपी पर अधिकार रखते थे। फिर गुलामी का एक लंबा वक्त रहा। पुरातन काल में मौर्य, गुप्त, चोल, पांडय आदि साम्राज्यों के समय जावा, सुमित्रा तक , पूर्व से पश्चिम एशिया तक व्यापार पर एकाधिकार किया था। वर्तमान में पिछले 9 वर्ष में स्फूर्ति आई है यद्यपि कोविड ने सब बर्बाद किया। फिर भी हम विश्व की पांचवी अर्थव्यवस्था बने। अमेरिका की लगभग 24 प्रतिशत, चीन की 12, जर्मनी की लगभग 5 प्रतिशत और आज हम तीन प्रतिशत जीडीपी धारण करते हैं। मुख्य सचिव ने विश्व की पांचवी अर्थव्यवस्था कैसे बनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा जो स्लोगन दिए गए यथा मेक इन इंडिया,आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंडिया, स्वच्छ भारत ये सिर्फ शब्द नही वास्तविकता है। आज हमें ये स्लोगन सच होते नजर आते हैं। डिजिटल इंडिया का प्रभाव हम कोविड के समय देख चुके हैं। कोविड के समय विशेषज्ञों ने कहा था कि भारत में भारी नुकसान होगा, लेकिन हमने सफलतापूर्वक अपने सभी लोगों को वैक्सीन लगाई और तमाम देशों को भी भेजा और कोविड पर विजय प्राप्त की।
मुख्य सचिव ने अपने संबोधन में कहा कि आज भारत में 900 किमी मेट्रो चल रही है तथा 1200 किमी पर मेट्रो कार्य प्रगति पर है। पहले रेल के कोच, तकनीक सभी विदेश से आती थी। आज मेक इन इंडिया द्वारा ज्यादातर तकनीक स्वदेशी है। मेट्रो निर्माण में भी स्वदेशी तकनीकि का प्रयोग किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने स्मार्ट सिटी पर बात रखते हुए कहा कि 100 स्मार्ट सिटी में हुए कार्यों से व्यवस्था बदली हैं। लोगों की जिंदगी आसान हुई है। आज हमारा वर्तमान तेजी से विकास को प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ये अमृत काल की प्रथम बेला है। 15 अगस्त 2047 तक पंच प्रण के संकल्प पर चलकर अमेरिका, जर्मनी, की तरह अगले 25 वर्ष में विकसित भारत बनाएंगे।
उन्होंने बताया कि 36 लाख करोड़ रुपये के निवेश के लिए एमओयू हो चुके हैं, जिनकी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी अगस्त-सितंबर में होगी। पंच प्रण के संकल्प पर चलकर 2030 तक भारत को विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य है। जब भारत 5 ट्रिलियन की इकोनॉमी बनेगा तब उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य मुख्यमंत्री योगी ने रखा है, उन्होंने उपस्थित उद्योगपतियों से आह्वान करते हुए कहा कि इस संकल्प को सिद्ध करने में आपका भी कर्तव्य है, जिम्मेदारी है, आगे आएं और अपना योगदान दें। मुख्य सचिव ने ग्लोबल समिट के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि पहले कोई निवेशक उत्तर प्रदेश नहीं आता था,अब 36 लाख करोड़ के निवेश के एमओयू हुए, और ये सभी निवेश दो से तीन वर्ष में धरातल पर आयेंगे। आप कल्पना कीजिए तब यूपी कैसा होगा। उन्होंने कहा कि हमने 25 से ज्यादा आईटी, टेक्सटाइल, पर्यटन की नीतियों का रिव्यू किया और सर्वोत्तम पॉलिसी बनाई, आज यूपी में सर्वाधिक मेट्रो, अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, एक्सप्रेस वे, भारत का प्रथम जलमार्ग वनारस से हल्दिया है। हाल ही में 22 यूनिवर्सिटी की अनुमति दी है, उत्तर प्रदेश में उर्वरा जमीन तैयार हो रही है, नागरिकों का जीवन स्तर ऊपर उठाने को कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि योगी सरकार लॉ एंड ऑर्डर का स्वर्ण युग है। आज व्यापारियों के लिए लाल फीताशाही नहीं, लाल कालीन बिछाई जाती है। कॉन्क्लेव में 20 से अधिक विभिन्न उद्योगों की यथा एग्रीकल्चर, फूड प्रोसेसिंग एंड कोल्ड चैन, वेयरहाउस, पॉलीमर प्रोसेसिंग, पावर सेक्टर, फाउंड्री एंड इंजीनियरिंग आटोमोबाइल, रियल एस्टेट इन्फ्रास्ट्रक्चर उद्योग, फुटवियर इंडस्ट्री, सर्राफा, गारमेंट एंड टैक्सटाइल इंडस्ट्री, हैंडिक्राफ्ट एंड स्टोनक्राफ्ट, दरी, कारपेट इंडस्ट्री, प्रिंटिंग पब्लिकेशन एंड पैकेजिंग इंडस्ट्री से जुड़ी समस्या, समाधान और विकास पर चिंतन किया गया।
बाद में मुख्य सचिव ने निर्माणाधीन ताज ईस्ट मेट्रो स्टेशन का भौतिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय यूपी मेट्रो एमडी सुशील कुमार सिंह ने मुख्य सचिव को आगरा मेट्रो के संपूर्ण प्लान से अवगत कराया।











