आगरा। सर्राफ पर काफी कर्जा होने के कारण उसने अपने अपहरण की फर्जी कहानी रची थी। पुलिस ने उसे बरामद कर फर्जी अपहरण का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने सर्राफ को जेल भी भेज दिया है। सर्राफ को बरामद करने में एसओजी, स्वाट, सर्विलांस का अहम योगदान रहा।
शुक्रवार को ब्रथला के रहने वाले छदामी लाल वर्मा की कटी पुल के पास मोटरसाइकिल मिली थी। छदामी लाल ने अपने भाई थान सिंह के मोबाइल पर फोन कर कहा था कि उनका कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया है। इसके बाद फोन कट गया था। थान सिंह ने अपहरण की पुलिस को जानकारी दी। एसएसपी ने उन्हें बरामद करने के लिए 6 टीमें बनाई थीं। एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि छदामी लाल के भाई के मोबाइल पर एक मैसेज भी आया था, जिसमें लिखा था कि 50 लाख रुपए दे दो, नहीं तो तुम्हारे भाई को मार डालेंगे। हमने तुम्हारे भाई का हाथ भी तोड़ दिया है। इसके बाद पुलिस और भी ज्यादा सतर्क हो गई थी। शनिवार को पुलिस को छदामी लाल के झांसी रेलवे स्टेशन पर होने के सीसीटीवी फुटेज मिले। वह अकेले ही स्टेशन से बाहर निकल रहे थे। इससे पुलिस को उन पर शक हो गया कि उन्होंने अपहरण की साजिश रची है। एसएसपी ने एक टीम उनके गांव में भेजी तो पता चला उन पर काफी कर्जा है। पुलिस की अन्य टीमों ने पीछा करते हुए छतरपुर से छदामी लाल को बरामद कर लिया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि उनके ऊपर 30 से 35 लाख रुपए का कर्जा हो गया था। इसलिए उन्होंने अपहरण की साजिश रची थी। छदामी लाल को बरामद करने वाली टीम में स्वाट टीम प्रभारी विनोद कुमार यादव, एसओजी प्रभारी कुलदीप दीक्षित, सैया थाना प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह, सीआइडब्ल्यू प्रभारी प्रदीप कुमा, सर्विलांस प्रभारी सचिन धामा, स्वाट टीम के एसआई अजय कुमार, एसआई दुलीचंद यादव मोहित शर्मा, प्रमोद यादव आदि शामिल रहे।











