आगरा। ताजगंज के रहने वाले कोचिंग संचालक की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हत्या उसके जीजा योगेश ने अपने दो सगे भाइयों के साथ मिलकर की थी।
बता दें कि महुआ खेड़ा का रहने वाले धर्मवीर यादव का शव शनिवार सुबह थार गाड़ी में फिरोजाबाद के नगला सिंधी थाना क्षेत्र में जंगल में मिला था। माथे पर बीचों बीच सटाकर गोली मारी गई थी। धर्मवीर अपने घर का अकेला वारिस था। पुलिस ने तीन रिश्तेदार हत्यारों को पकड़ लिया है। पूछताछ में सामने आया है कि धर्मवीर ने हाल ही में अपनी एक करोड़ की जमीन बेची थी। उसी संपत्ति को हड़पने के लिए जीजा योगेश ने उसकी हत्या अपने भाइयों से करवाई थी। घटना के समय धर्मवीर का जीजा योगेश पुणे में था। वह फोन पर ही सारी चीजों को ऑपरेट कर रहा था। योगेश का छोटा भाई अक्षय घटना को अंजाम देने के लिए भोपाल से आया था। बड़ा भाई राजेश आगरा में ही था। योगेश और अक्षय दोनों सेना में नौकरी करते हैं। राजेश ने पुलिस को बताया, ”योगेश की शादी में धर्मवीर ने लगभग 50 लाख रुपए खर्च किए थे। उसके पास काफी पैसा और जमीन थी। उसकी छोटी बहन की शादी मेरे भाई अक्षय से तय हो रही थी। बड़ी बहन पहले ही हमारे घर पर है। ऐसे में हम भाइयों के मन में ख्याल आया कि अगर हम धर्मवीर को मार दें, तो सारी प्रॉपर्टी हमारी हो जाएगी। जिसके बाद हम लोगों ने पूरा प्लान तैयार किया। “मैं अपाचे गाड़ी से थार के पीछे-पीछे चल रहा था”। उसने बताया, ”प्लान के तहत मैंने छोटे भाई अक्षय को भोपाल से बिना टिकट के आगरा बुला लिया। अक्षय अपनी यूनिट में बिना बताए आगरा आया था। योगेश को मैंने नहीं बुलाया, क्योंकि उसको आने में समय लगता। अक्षय 28 जुलाई की रात को आगरा स्टेशन आ गया। अक्षय ने धर्मवीर को स्टेशन लेने के लिए बुलाया। उसके बाद गाड़ी से फिरोजाबाद गए। वहां जाकर उसकी हत्या कर दी।











