आगरा। आगरा पुलिस का एक नया कारनामा सामने आया है। किरावली क्षेत्र में हत्या के मामले में शक के आधार पर उठाए गए युवक को पुलिस ने थाने में थर्ड डिग्री दी। उसे इतना पीटा कि पांच डंडे टूट गए और दोनों पैरों की हड्डियां भीं। आनन फानन में अपनी नौकरी बचाने के लिए पुलिसकर्मियों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। जानकारी पर अधिकारियों ने जांच कराई। मामले में थानाध्यक्ष किरावली सहित तीन को निलंबित किया गया है। एसीपी का ट्रांसफर कर दिया गया है।
करहारा में 6 जून को किसान वनवीर सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वनवीर के भाई हरेंद्र सिंह ने बताया वह अपने घर पर अकेले रहते थे। पांच जून की रात करीब 11 बजे तक वनवीर सिंह से फोन पर बात हुई थी। सुबह करीब 10 बजे जब हरेंद्र सिंह पहुंचे तो उन्होंने अपने भाई को मरा हुआ पाया। घटनास्थल पर घर का सारा सामान बिखरा पड़ा था। वनवीर के मोबाइल से सिम कार्ड गायब था। हरेंद्र सिंह ने 112 पर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। घरवालों का कहना है कि वनवीर के गले पर निशान मिले थे, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही। इस मामले में पुलिस ने 20 दिसंबर को पूछताछ के लिए गांव के ही रहने वाले राजू को बुलाया। घरवालों का कहना है कि पुलिस कई बार राजू से पूछताछ कर चुकी है। लेकिन, दो दिन पहले फिर पुलिस ने उसे बुलाया। इसके बाद राजू को नहीं छोड़ा। 21 दिसंबर की शाम पता चला कि राजू को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया है। उसके दोनों पैरों में काफी चोट है। जब वो अस्पताल पहुंचे, तो राजू ने पुलिस की थर्ड डिग्री के बारे में बताया। राजू ने घरवालों को बताया पुलिस ने मेरे पैरों पर जमकर डंडे बरसाए। मारते-मारते पांच डंडे भी टूट गए। उसे उल्टा भी लटकाया। हाथ जोड़ता रहा, लेकिन पुलिस वालों का दिल नहीं पसीजा। वो मुझे पीटते रहे। इससे मैं बेहोश हो गया। जब उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई, तो पुलिसवाले घबरा गए। तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर पुलिसवाले मुझे प्राइवेट गाड़ी से किरावली हॉस्पिटल लेकर आए। यहां पर मेरा इलाज चल रहा है। पीड़ित के दोनों पैरों में प्लास्टर है। पुलिस उस पर हत्या में शामिल होने की बात कबूल करवाने का दबाव डाल रही थी। इसीलिए इतना मारा। दो दिन तक लगातार टॉर्चर करते रहे। पुलिसवालों का कहना था कि वह हत्या की बात कबूल ले।











