आगरा। जगदीशपुरा थाना क्षेत्र में एक छेड़छाड़ पीड़िता ने मुकदमा दर्ज होने के बाद भी कार्यवाही नहीं होने को लेकर आत्महत्या कर ली है। युवती के आत्महत्या किए जाने से पुलिस विभाग में खलबली मच गई है। पुलिस की सबसे बड़ी लापरवाही यह सामने आई है कि पुलिस पांच महीने में युवती के 161 के भी बयान नहीं करा पाई। युवती की मौत को लेकर पुलिस कमिश्नर भी क्राइम मीटिंग में काफी नाराज हुए।
अचल सिंह ने जगदीशपुरा थाने में दी तहरीर में कहा है कि एक जनवरी को शाम 6:00 बजे उनकी बेटी रुचि सिंह और भतीजी संजना बाजार में सब्जी लेने के लिए गई थीं। वहां पर मोटरसाइकिल पर दो युवक आए उन्होंने बेटी और भतीजी के साथ छेड़छाड़ की। इसके साथ ही गाली गलौज करते हुए बोले तेरे पिता परविंदर और उनके पिता अमर सिंह, उनकी पत्नी डिंपल के खिलाफ काफी कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं। अपने पिता को समझा लेना नहीं तो सही नहीं होगा। अगर हमारी बात नहीं मानी तो तुम्हें उठा ले जाएंगे। घटना का प्रार्थना पत्र लेकर जब वह अपनी बेटी और भतीजे के साथ अवधपुरी चौकी पर पहुंचे तो वहां कोई सुनवाई नहीं हुई। महिला आयोग में शिकायत के बाद छेड़छाड़ की धाराओं में दो अज्ञात युवकों के खिलाफ 17 फरवरी को मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद भी चौकी प्रभारी पर आरोप है कि वह कार्यवाही के लिए उन्हें टहलाते रहे। इससे उनकी बेटी और भतीजी डिप्रेशन में आ गई। इधर आरोपियों के द्वारा लगातार कुछ अराजक तत्वों को बुलाकर उनकी बेटियों के साथ अश्लील हरकत कराई जा रही थी। परेशानी से तंग आकर रुचि सिंह ने देर रात फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। आत्महत्या किए जाने की जब पुलिस को सूचना दी तो आरोप है कि जगदीशपुरा थाना पुलिस आधा घंटा बाद मौके पर आई। पुलिस ने इसमें भी तत्परता नहीं दिखाई। मामले में पुलिस ने अपने की घिरता देख तहरीर पर तत्काल प्रभाव से अमर सिंह, प्रमेन्द्र कुमार और डिंपल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही एक गिरफ्तारी कर ली है। पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं कि अगर पुलिस पहले ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर लेती तो शायद वह जिंदा होती।











