आगरा। पूर्व मुख्यमंत्री और सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव का आज सुबह 8.16 पर निधन हो गया है। वह 82 साल के थे। पिछले रविवार से उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। मुलायम सिंह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में वेंटिलेटर पर थे। आज सुबह अखिलेश यादव ने ट्वीट कर उनके निधन की जानकारी दी। कल सैफई में तीन बजे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
मुलायम सिंह यादव के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उनके निधन से देश में संघर्ष और समाजवाद के एक युग का अंत हो गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन दिन के राजकीय शोक की भी घोषणा की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कल अंतिम संस्कार के समय में मौजूद रहेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने लंबी सियासी पारी खेली। तीन बार यूपी के मुख्यमंत्री रहे। केंद्र में रक्षा मंत्री रहे। पहली बार वह पांच दिसंबर 1989 से 24 जून 1991 तक, दूसरी बार पांच दिसंबर 1993 से 3 जून 1995 तक और तीसरी बार 29 अगस्त 2003 से 13 मई 2007 तक मुख्यमंत्री रहे।
पहली बार 1967 में विधायक बने। फिर 1974, 1977, 1985, 1989, 1991, 1993 और 1996 में विधायक बने। फिर उपचुनाव में 2004 से 2007 तक विधायक रहे। लोकसभा सदस्य के रूप में 1996 में मैनपुरी, 1998 में संभल, 1999 में संभल से रहे। 2004 में मैनपुरी से चुने गए, लेकिन इस्तीफा दे दिया। फिर 2009 में मैनपुरी, 2014 में आजमगढ़ और 2019 में मैनपुरी से सांसद चुने गए। राजनीति में उनकी बसपा सुप्रीमो मायावती से लंबी दुश्मनी रही। गेस्ट हाउस कांड के बाद यह दुश्मनी पनपी। 2017 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश ने बसपा के साथ गठबंधन कर यह दुश्मनी खत्म कराई। वहीं लोकल क्षेत्र में बात करें तो पूर्व राज्यसभा सांसद दर्शन सिंह यादव से भी उनका मनमुटाव रहा, लेकिन बाद में उन्होंने एक बार फिर से उनके सामने अपनी दोस्ती का हाथ बढ़ाया। पूर्व की तरह दोबारा उनमें गहरी दोस्ती हो गई। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुख प्रकट किया है। बसपा सुप्रीमो मायावती, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, अभिनेता राज बब्बर, नेता लालू प्रसाद यादव ने भी मुलायम सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है।
आगरा में भी उनकी कई राजनीतिक और सामाजिक लोगों से नज़दीकियां रहीं। पूर्व मंत्री शिव कुमार राठौर, पूर्व केंद्रीय मंत्री रामजी लाल सुमन, पूर्व शहर अध्यक्ष रईसुद्दीन, पूर्व मंत्री रामसकल गुर्जर से उनकी नजदीकी रही।











