आगरा। नवागत जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी आज चार्ज लेने के लिए आ रहे हैं। वह 4:00 बजे के करीब चार्ज लेंगे। आगरा उनके लिए नया नहीं है। वह पूर्व में यहां करीब एक साल ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रहे हैं।
नवागत जिलाधिकारी 2011 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह मूल रूप से कर्नाटक के रहने वाले हैं। झांसी में प्रशिक्षण होने के पश्चात शासन ने आईएएस अफसर अरविंद मल्लप्पा बंगारी का तबादला करते हुए 14 अगस्त 2013 को संत कबीर नगर में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात किया। इसके पश्चात शासन द्वारा उन्हें संतकबीर नगर से ट्रांसफर करते हुए 14 सितंबर 2013 को आगरा के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद पर कार्यरत किया। आईएएस अफसर अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने आगरा से स्थानांतरण होने के बाद 10 अगस्त 2014 को अयोध्या के सीडीओ के पद पर कार्यभार ग्रहण किया और इसी पद पर वह 25 अप्रैल 2017 तक तैनात रहे। इसके बाद उन्हें 26 अप्रैल 2017 को मथुरा जिले के जिलाधिकारी की कमान सौंपी गई। यहां वह मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के कार्यवाहक उपाध्यक्ष भी रहे। मथुरा में तकरीबन आठ महीने की तैनाती के बाद आईएएस अफसर अरविंद मल्लप्पा बंगारी को जौनपुर जिले का डीएम बनाया गया, जहां पर उन्होंने 11 अक्टूबर 2019 तक कलेक्टर की कमान संभाली। यहां उन्होंने जनता का खूब दिल जीता। वह जनता के हीरो रहे। जौनपुर के डीएम के पद पर रहने के दौरान शासन ने आईएएस अफसर अरविंद मल्लप्पा बंगारी के हाथों में वेस्टर्न इलेक्ट्रिक सप्लाई निगम मेरठ के एमडी की बागडोर दी। बिजली विभाग के तत्कालीन प्रबंध निदेशक अरविन्द मल्लप्पा बंगारी ने पश्चिमांचल के सभी 14 जिलों में शहर से लेकर गांवों तक बिजली चोरों के खिलाफ अभियान चलाकर बिजली चोरों के विरूद्ध कार्रवाई करने कार्य किया था। इस अभियान के तहत ही तत्कालीन प्रबंध निदेशक अरविन्द मल्लप्पा बंगारी की टीम ने मुजफ्फरनगर और मेरठ में करोड़ों की बिजली चोरी पकड़कर उनके खिलाफ कार्रवाई की थी। 18 जनवरी 2023 को उन्हें मुजफ्फरनगर का जिला अधिकारी बनाया गया। अब उन्हें आगरा का जिलाधिकारी बनाया गया है। आगरा में पर्यटन को बढ़ावा देना और फरियादियों को उनकी समस्या से निजात दिलाना उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। सरकार की चल रही विभिन्न योजनाओं का लाभार्थियों को बड़े स्तर पर लाभ दिलाने के लिए भी उनकी पहचान मानी जाती है।
आईएएस बनने का ख्याल कैसे आया जानें
अरविंद मल्लप्पा बंगारी का जन्म 30 मार्च 1981 को हुआ। अरविंद मल्लप्पा बंगारी कर्नाटक के रहने वाले हैं। उनके पिता सीए थे। अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने वर्ष 1997 में कर्नाटक के धारवाड़ में स्कूली शिक्षा ग्रहण करने के पश्चात स्नातक की डिग्री हासिल की। स्नातक करने के बाद उन्होंने एग्रीकल्चर से एमएससी किया। उन्होंने एक साल तक प्रयोगशालाओं में कार्य भी किया। अरविंद मल्लप्पा बंगारी विज्ञानी बनना चाहते थे और उनके पिता चाहते थे कि बेटा उनका नाम रोशन करके जनसेवा कर सके। प्रयोगशालाओं में वर्क काम के दौरान ही अरविंद मल्लप्पा बंगारी को सिविल सेवा के कामयाब अफसरों से परिचित होने का अवसर मिला। यहीं से ही उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा को पास कर आईएएस अफसर बनना अपना लक्ष्य बना लिया था। वर्ष 2007 से अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने सिविल परीक्षा को पास करने के लिए कड़ी मेहनत करनी प्रारंभ कर दी थी। अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने वर्ष 2007 से 2010 तक कठिन परिश्रम के बाद सिविल सेवा का एग्जाम क्रेक कर आईएएस बनने की मंजिल को प्राप्त कर लिया। अरविंद मल्लप्पा बंगारी साल 2011 बैच के आईएएस अफसर बन गए। आईएएस अफसर अरविंद मल्लप्पा बंगारी के लिए सिविल सर्विसेज की परीक्षा की तैयारी से लेकर पास आउट करने तक सफर कठिन रहा लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने सिविल सर्विस परीक्षा में ओवरऑल 83वां स्थान और कर्नाटक एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज में 11वां स्थान प्राप्त किया था।










