आगरा। खनन के दो ट्रैक्टर पकड़ना दो पुलिस कर्मियों को भारी पड़ गया है। दोनों पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। वह यही सोच रहे हैं कि उन्होंने ट्रैक्टर पकड़कर बहुत बड़ी गलती कर दी। इधर डीएलए में खबर प्रकाशित होने के बाद सोमवार को खनन और आरटीओ विभाग को रिपोर्ट भेजी गई है, लेकिन थानाध्यक्ष पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है कि उन्होंने खनन और आरटीओ विभाग को रिपोर्ट क्यों नहीं भेजी थी।
अछनेरा थाने के एक दरोगा, दो हेड कांस्टेबल की शनिवार को नाइट ड्यूटी थी। पुलिस कर्मियों ने मिट्टी खनन में लिप्त दो ट्रैक्टर पकड़ लिए। ट्रैक्टर पकड़े जाने पर चालक ने बताया कि हमारे पास अनुमति है। पुलिसकर्मियों ने अनुमति दिखाने के लिए कहा तो वह बोला कि साहब थाना प्रभारी की तरफ से मौखिक अनुमति है। पुलिसकर्मियों को गुस्सा आ गया। वह उन्हें ट्रैक्टर ट्रॉली सहित थाने ले आए। थाने में मौजूद थाना प्रभारी के कारखास ने उन्हें इसकी जानकारी दे दी। थाना प्रभारी सुबह चार बजे अपने रूम से थाना परिसर में चले आए। ट्रैक्टर पकड़ने पर नाराज हुए। दरोगा और दोनों हेड कॉन्स्टेबल को हड़काया। पुलिस कर्मियों ने उनसे कहा साहब हमने तो अपनी ड्यूटी की है। थाना प्रभारी ने कहा कि आगे से ऐसी ड्यूटी मत करना। क्यों कि दोनों ट्रैक्टर थाने आ चुके थे। उन्हें 207 एमवी एक्ट में सीज करा दिया गया। खनन और आरटीओ विभाग को रिपोर्ट नहीं भेजी गई। दरोगा और दोनों हेड कॉन्स्टेबल की सुबह छह बजे जीडी में वापसी हुई थी। सुबह आठ बजे से तीनों पुलिस कर्मियों की बार्डर की एक नहर पर डे ड्यूटी लगा दी गई। मामले में डीएलए ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की। अधिकारियों ने मामले की जांच की तो तो संज्ञान में आया कि थानाध्यक्ष के द्वारा खनन की रिपोर्ट वास्तव में नहीं भेजी गई है। सोमवार को खनन और आरटीओ विभाग को रिपोर्ट भिजवाई गई है। थानाध्यक्ष द्वारा रिपोर्ट नहीं भेजे जाने पर उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उल्टा खनन के ट्रैक्टर पकड़ने वाले पुलिसकर्मियों पर लाइन हाजिर की कार्रवाई कर दी गई है। दोनों पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई चर्च में छाई है।
भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़े निर्देश दिए हैं कि खनन किसी भी हालत में नहीं होना चाहिए। ऐसे में खनन के ट्रैक्टर पकड़ने पर सिपाहियों पर कार्रवाई किसी को हजम नहीं हो रही है। दो कारखास भी लाइन हाजिर किए गए हैं। दोनों लंबे समय से सुर्खियों में छाए हुए थे।
खनन और आरटीओ विभाग को क्यों नहीं भेजी जाती रिपोर्ट?
खनन में ट्रैक्टर और डंपर पकड़े जाने पर अगर खनन विभाग और आरटीओ विभाग में रिपोर्ट भेजी जाती है तो वहां से अधिकारी मुआयना करने आते हैं। वह देखते हैं कि कितने घन मीटर मिट्टी या बालू है, उसके बाद वह मिनिमम 50 हजार का जुर्माना लगाते हैं। इसी प्रकार आरटीओ विभाग द्वारा भी सभी पेपर चेक किए जाते हैं। इसके साथ ही यह चेक किया जाता है कि वाहन ओवरलोड तो नहीं था। विभाग के द्वारा कोई भी कमी मिलने पर कम से कम 25 से 30 हजार का जुर्माना लगाया जाता है। थाना प्रभारी के द्वारा रिपोर्ट इसलिए नहीं भेजी जाती जिससे खनन माफिया का फायदा हो जाए और वह उन्हें समझते रहें।











