आगरा। पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ़ एनिमल्स इंडिया ‘पेटा’ की एक समर्थक खून से लथपथ पक्षी की पोशाक पहने और कांच मेटल लेपित मांझा में उलझी हुई एक विशाल पतंग पर लेटी हुई थी, जिस पर लिखा था- कांच लेपित डोर पक्षियों के पंखों को काटती है। इस अनोखे अभियान का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना था कि कांच और धातु पाउडर से लेपित सूती डोर व नायलॉन मांझा हर साल हजारों पक्षियों के साथ-साथ कई मनुष्यों की मौत और गंभीर चोटों के लिए जिम्मेदार है। साथ ही जनता से अपील की गई की पतंगबाजी को सभी के लिए सुरक्षित और आनंदमय बनाने के लिए इन खतरनाक सामग्रियों का उपयोग न करें।
पेटा के द्वारा बीच-बीच में अनोखे अंदाज में पशु पक्षियों के लिए प्रदर्शन किए जाते रहते हैं। बुधवार को आगरा किला पर अनोखा प्रदर्शन किया गया। कोऑर्डिनेटर अथर्व देशमुख ने बताया मांझा न केवल पक्षियों बल्कि मनुष्यों को भी घायल करता है और उनकी जान ले लेता है। हर कोई पतंगबाजी के लिए साधारण सूती डोर चुनकर रोकने में मदद कर सकता है। हम सभी से अपील करते हैं कि मांजा का बहिष्कार करें, ताकि स्वतंत्रता दिवस पर सभी के लिए खुशियों का अवसर बन सके। मांझा का हर रूप मनुष्यों, पशुओं और पर्यावरण के लिए खतरनाक है। कांच पाउडर और धातु से लेपित तेज धार डोरें पक्षियों की आबादी पर विनाशकारी असर डालते हैं। यहां तक की संकटग्रस्त प्रजातियों जैसे गिद्ध भी इससे नहीं बच पाए। मांझा से पक्षियों के पंख और पेड़ अक्सर बुरी तरह कट जाते हैं या पूरी तरह अलग हो जाते हैं और गहरी चोट के बाद भी वह अक्सर छिप जाते हैं, जिससे बचाव कर्मी उनकी मदद नहीं कर पाते और कई पक्षी खून बहने से तड़प कर मर जाते हैं। मांझा मनुष्य की भी बेवजह जान लेता है। सिर्फ 2025 में ही देश भर में कई मौतें दर्ज की गई हैं जिनमें दिल्ली के 22 वर्षीय युवक, गुजरात का 5 वर्षीय बच्चा और ड्यूटी पर तैनात 30 वर्षीय यूपी पुलिस का कांस्टेबल शामिल है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के लिहाज से मांझा बेहद खतरनाक है। उन्होंने यह भी बताया कि 2024 में पेटा इंडिया की अपील पर केंद्र सरकार की वैधानिक संस्था जीव जंतु कल्याण बोर्ड ने सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को सभी प्रकार के मांझा पर प्रतिबंध लगाने और पतंगबाजी के लिए केवल साधारण सूती डोर की अनुमति देने की सलाह दी थी। चंडीगढ़, दिल्ली, गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र की सरकारें पहले ही इस दिशा में अधिसूचना जारी कर चुकी हैं।











