आगरा। आगरा पुलिस के कुछ दरोगा कितने काबिल हैं। इस बात का अंदाजा इस बात को देखकर लगाया जा सकता है कि बिचपुरी क्षेत्र से चोरी हुई 11 लाख रुपये की बोलेरो चोरी मामले में दरोगा ने डेढ़ सौ रुपये की नंबर प्लेट बरामद कर चोरी खोल दी। पुलिस के खुलासे ने गाड़ी मालिक के होश उड़ा दिए। बीमा कंपनी ने उसे क्लेम देने से मना कर दिया। कहा कि पुलिस ने खुलासा कर दिया है तो बीमा किस बात का। गाड़ी मालिक समझ नहीं पा रहा है कि नंबर प्लेट का क्या करे। उसने पुलिस आयुक्त से शिकायत की। पुलिस आयुक्त के आदेश पर विवेचक के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू हो गई है।
बिचपुरी निवासी रामेश्वर दयाल ने 11 लाख रुपये की बोलेरो खरीदी थी। अक्तूबर 2023 में बोलेरो चोरी हो गई। पुलिस ने चोरी का मुकदमा दर्ज किया। इधर वाहन चोरों का एक गैंग पकड़ा गया। पुलिस ने दावा किया कि इस गैंग ने बड़ी संख्या में गाड़ियां चोरी की हैं। चोरों के पास से महज तीन-चार ही गाड़ियां बरामद हुईं। रामेश्वर दयाल की गाड़ी चोरी के मुकदमे की विवेचना तत्कालीन चौकी इंचार्ज बिचपुरी अनुज चौधरी के पास थी। उन्होंने इसी गैंग द्वारा बोलेरो चोरी की घटना खोल दी। चोरों के पास से चोरी गई बोलेरो की नंबर प्लेट बरामद दिखाई गई। चोरों के बयान में खोला गया कि बोलेरो हरियाणा में बेच दी थी। पकड़े गए चोरों के खिलाफ चार्जशीट चली गई। गाड़ी खरीदने वालों के नाम विवेचना में खोल दिए गए। उनके मामले में विवेचना प्रचलित रखी गई। गाड़ी मालिक पुलिस की इस कार्रवाई से अचंभित हो गए। बीमा कंपनी वालों ने भी उनसे बोल दिया अब क्लेम भूल जाइए। गाड़ी मालिक ने पुलिस आयुक्त से शिकायत की थी। गाड़ी मालिक ने कहा था गाड़ी कट गई होगी तो बरामद नहीं हो सकती। गाड़ी काटने वाले पकड़ जाएंगे मगर गाड़ी मालिक को इससे भी कोई लाभ नहीं होगा। बीमा कंपनी से बीमा एक ही सूरत में मिलता जब पुलिस मुकदमे में अंतिम आख्या लगाती तो इसे क्लेम मिलता। यदि पुलिस यह लिखती कि गाड़ी का सुराग नहीं मिला तो क्लेम मिल सकता था। डीसीपी सिटी सूरज कुमार राय ने विवेचक की प्रारंभिक जांच के आदेश किए हैं। प्रचलित विवेचना नए विवेचक को मिली है।











