आगरा। पुलिस भर्ती में चयनित हुए अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र लेने के लिए लखनऊ जाना है। इन्हें कैसे जाना है। यह ब्रीफ करने के लिए संबंधित थाना क्षेत्र में रहने वाले अभ्यर्थियों को गुरुवार को संबंधित थाने पर बुलाया गया था। इंस्पेक्टर खंदौली ने ग्रुप पर जलपान की बात नंबर बढ़ाने के लिए लिख दी। मैसेज पर नजर पड़ते ही पुलिस कमिश्नर का पारा चढ़ गया। उन्होंने ग्रुप पर लिखा इस बात का ढोल बजाने की क्या आवश्यकता है।
लखनऊ में 15 जून को सिपाही भर्ती के 60244 सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल होंगे। यह उत्तर प्रदेश पुलिस की सबसे बड़ी भर्ती है जिसमें 12048 महिला अभ्यर्थी भी शामिल हैं। पहले परीक्षा पेपर लीक होने के कारण रद्द कर दी गई थी जिसे बाद में दोबारा आयोजित किया गया। आगरा से भी भारी संख्या में अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। इन्हें किस ड्रेस कोड में और कैसे जाना है। यह बताने के लिए संबंधित थाना क्षेत्र में रहने वाले चयनिय अभ्यर्थियों को बुलाने के निर्देश दिए गए थे। इंस्पेक्टर खंदौली राकेश चौहान ने अपने नंबर बढ़ाने के लिये ग्रुप पर मैसेज डाला कि उन्होंने अभ्यर्थियों को जलपान कराया था। इस पर पुलिस कमिश्नर की नजर पड़ गयी। उन्होंने लिखा किसी ने अपनी तरफ से कुछ वेलफेयर का कार्य किया है इन बच्चों का, तो ग्रुप पर ढोल पीटने की ज़रूरत नहीं है, जिसका जो भी खर्च लगे वे अली (डीसीपी) को दे देंगे, किसी एसएचओ को अपने जेब से अपनी मेहनत का एक भी पैसा खर्च करने की ज़रूरत नहीं है। पुलिस विभाग ने इनके लिए काफी बजट दे रखे हैं। उपरोक्त मैसेज राकेश चौहान के लिये है, जो प्रतीत होता है कि किसी थाने के एसएचओ हैं। कोई भी काम एसएचओ अपनी स्वेच्छा से करता है उसे ढोल पीटने की जरूरत नहीं है। मेरे कार्यकाल में किसी एसएचओ को बेगार करने की ज़रूरत नहीं है। यदि वह बेगार करता है तो वह गलत करता है। मेरे ऑफिस/कैम्प से किसी को किसी तरह के लिये कोई फोन करता है, तो उसका बिल मेरे सामने प्रस्तुत करें। कोई एसएचओ अथवा उसका कारखास यह थेथरोलॉजी करता पाया जाएगा कि मैंने अधिकारियों अथवा उसके गेस्ट पर यह बेगार की तो उस एसएचओ पर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कमिश्नर के यह मैसेज लिखने के बाद खलबली मच गई। उन्होंने कई बार मीटिंग में भी कहा है कि मैं कभी किसी को कोई काम नहीं बताऊंगा। आप अपना काम इमानदारी से करें। उन्होंने इंस्पेक्टर की फाइल खोलने को भी डीसीपी को लिखा है। इधर पुलिस कमिश्नर के कैंप ऑफिस पर एक टोल कर्मी पीआरओ को झापा देकर यह कहकर अंदर घुसा चला गया कि उसकी साहब से बात हो गई है। जबकि उसकी कोई बात नहीं हुई थी। पुलिस कमिश्नर अंदर मीटिंग कर रहे थे। पुलिस कमिश्नर ने अचानक उन्हें स्टाइल में आता देखा तो पूछा आप कौन। इस पर टोल कर्मी की बोलती बंद हो गई। वह बोला मैं तो मिठाई लेकर आया था। पुलिस कमिश्नर बोले मैं तो मिठाई लेता ही नहीं हूं। आप अंदर कैसे घुसे चले आए। इसके बाद टोलकर्मी की उस बात की भी पोल खुल गई जो वह पीआरओ से झूठ बोलकर अंदर घुस आए थे कि साहब ने बुलाया है। पोल खुलने के बाद उनका चेहरा उतर गया और वह वहां से चलते बने।











