आगरा। शादियों का सीजन शुरू होते ही आगरा पुलिस ने नई पहल शुरू की है। शादी स्थलों पर उन अपराधियों के होर्डिंग में फोटो लगवाए हैं जो पिछले कई सालों से चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस द्वारा लगभग 200 लोगों को चिह्नित गया है।
डीसीपी सैयद अली अब्बास ने बताया कि पिछले कुछ सालों में शादी स्थलों पर ज्वेलरी और कैश चोरी की घटनाओं का ट्रेंड देखा तो यह पता चला कि मध्य प्रदेश के रहने वाला गैंग आगरा में आकर यह वारदातें करता है। इस गैंग में बच्चे, महिलाएं तक होती हैं, जो महंगे कपड़े पहनकर शादियों में मेहमान बनकर घुस जाते हैं और दूल्हा-दुल्हन के कमरों या मेकअप रूम से मौका लगते ही कैश और ज्वेलरी पर हाथ साफ कर देते हैं। उन्होंने बताया कि इस गैंग के 150 से 200 सदस्यों के फोटोग्राफ आगरा पुलिस को मिले हैं। उन्होंने बताया कि शहर के मैरिज होम्स, गेस्ट हाउस आदि में इस गैंग के सदस्यों के फोटो वाले पोस्टर लगाए जा रहे हैं। बरात घर संचालकों को निर्देशित किया जा रहा है कि वे वर-वधू पक्ष को इन अपराधियों के प्रति सतर्क करें, ताकि यदि पोस्टर में दिख रहे कोई व्यक्ति नजर आए तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। डीसीपी ने कहा, हमने सभी शादी घरों में पुलिस टीमें लगा दी हैं। पोस्टरों के माध्यम से जनता को जागरूक किया जा रहा है। हमारा पहला लक्ष्य यही है कि कोई घटना हो ही नहीं। यदि कोई संदिग्ध दिखे तो पुलिस को तुरंत सूचित किया जाए। उन्होंने बताया कि बरात घर संचालकों से कहा गया है कि हर स्थान पर सीसीटीवी कैमरे लगाएं, ताकि कोई भी आपराधिक गतिविधि रिकॉर्ड हो सके और घटना के बाद आरोपी की पहचान में आसानी रहे। डीसीपी ने यह भी बताया कि आगरा के ऐसे अपराधी जो पिछले दस वर्षों से सक्रिय हैं, उनके भी फोटो और विवरण सार्वजनिक स्थलों पर लगाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य जनता को सतर्क करना है ताकि किसी भी क्षेत्र में इन अपराधियों के दिखने पर लोग सतर्क हों और पुलिस को भी समय पर सूचना मिल सके। वहीं, जो अपराधी अपराध छोड़ चुके हैं और सामान्य जीवन जी रहे हैं, उन पर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करेगी।











